Black Hat SEO क्या है और इसे यूज क्यों ना करे

Black hat seo in blogging

ब्लॉगर के लिए SEO हमेशा ही महत्व पूर्ण फैक्टर रहा है, क्यों की इसमें वो व्यक्ति कीवर्ड रिसर्च करके और अपने आर्टिकल का On-page SEO करके ब्लॉग page को गूगल सर्च में रैंक पे ला सकता है. लेकिन कुछ ऐसी भी techniques होती है जिससे हम अपनी ही भाषा में शॉर्ट कट तरीका बोलते है, उससे हम इस lengthy प्रोसेस से बचके बहोत ही कम समय में अपने पेज को सर्च रिजल्ट में टॉप पर ला सकते है. इस आर्टिकल मैं आपको उसी Important फैक्टर के बारे में बताऊंगा जिसका नाम है Black Hat SEO. और इसीके साथ मैं आपको वो तरीके भी बताऊंगा जिससे आप अपने वेबसाइट में ब्लैक हैट एसईओ का इस्तेमाल कर सकते है.

गूगल हर रोज ही उसके algorithm में कुछ ना कुछ अपडेट करते रहता है, इसलिए एक ब्लॉगर को हमेशा ब्लॉगिंग करते वक्त SEO के बारे में अपडेटेड रहना होता है, जिससे वो आर्टिकल में SEO को वक्त रहते चेंज कर सके। इसलिए अगर आप अपने ब्लॉग को रैंक में लाना चाहते है? अपने डोमेन अथॉरिटी को बढ़ाना चाहते है तो आपके लिए SEO को जानना बहोत ही जरुरी हो जाता है।

SEO का फुल फॉर्म Search Engine Optimisation है, जो एक प्रोसेस है और जिसमे आपको सर्च इंजन के रूल्स और regulations को फॉलो करके हर एक चीज जैसे keywords, images, headings को ब्लॉग आर्टिकल में सही जगह डालना होता है। क्यों की आप SEO को जाने बिना ही अपने keywords और headings को लिमिट से ज्यादा इन्सर्ट करेंगे, तो गूगल क्रॉलर आपके पेज को as a Black Hat SEO कंसीडर करके आपकी रैंकिंग को सर्च रिजल्ट से डाउन कर देता है।

इससे बचने के लिए White Hat SEO और Black Hat SEO के डिफरेंस को जानना आपके लिए बेहत ही जरूरी हो जाता है, जिससे की आप पोस्ट लिखते वक्त कोई भी गलती ना करे और गूगल से penalize होने से बच सके.

दोनों के डिफरेंस के बारे में जानने के लिए इसे जरूर पढ़े-

लेकिन फिर भी मैं यहां पर इसकी थोड़ी जानकारी दे देता हूँ जिससे आपको इस आर्टिकल को जानने में आसानी होगी।

इन दोनो टर्म्स के बारे में आसान भाषा में कहे तो White मलतब अच्छा और Black मतलब बुरा।

White Hat SEO Techniques में अगर आप गूगल सर्च इंजन कैसे वर्क करता है, इसे अच्छे से समझते हो तो आपका आर्टिकल गूगल के गाइड लाइन्स और रूल्स को फॉलो करके रैंक पर आ जाता है, लेकिन Black Hat SEO यानि आपके ब्लॉग की एक डार्क साइड होती है, जिसकी वजह से आपके ब्लॉग की डोमेन अथॉरिटी पर और साथ में आपके ब्लॉग के rank पर बुरा प्रभाव पड़ता है।

क्यों की Black Hat Techniques में जो तरीका अपनाया जाता है वोह गूगल की पॉलिसीज को नहीं मानता और ना ही उसे फॉलो करता है.

White Hat SEO:  इस technique में ब्लॉगर को गूगल की पॉलिसी के under रहकर ही वेबसाइट बनाकर आर्टिकल को लिखना होता है. यह एक नॉर्मल SEO होता है जिसके बारे में हम सभी जानते है. इस तरह के SEO में On Page SEO और quality backlinks का इस्तेमाल किया जाता है जिसमें ब्लॉगर का मेन मोटिव आपकी पोस्ट को गूगल के रूल्स को फॉलो करके सही तरीके से सर्च रिजल्ट के टॉप पोजीशन में लाना होता है.

Black Hat SEO: इस technique में गलत तरीका अपनाया जाता है जिसमे गूगल के पॉलिसीज के खिलाफ जाकर ब्लॉग को रैंक किया जाता है. यह एक शॉर्टकट तरीका होता है जिससे आपकी पोस्ट जल्द ही गूगल सर्च के टॉप पोजीशन में दिखने लगती है, लेकिन गूगल का अल्गोरिथम अब काफी स्ट्रॉन्ग हो गया है, जिससे उनके टॉप पेजेस धीरे धीरे penalize भी होने लगते है.

इसलिए ब्लैक हैट के बारे में जानने से पहले आपको सर्च इंजन कैसे काम करता है इसके बारे में पता होना चाहिए जिससे की आप SEO को और बेहतर समज सके और कोई बड़ी गलती ना करे।

White Hat SEO करके अपने पेज को rank में लाने के लिए इस आर्टिकल को जरूर पढ़े-

Black hat seo in blogging

Black Hat SEO क्या है 

Black Hat SEO तकनीक White Hat के बिलकुल ही अपोजिट होती है, लेकिन गलत तरीका अपनाने के बावजूद इस तकनीक में आपको White hat techniques के compare में जलदी रिजल्ट देखने को मिलते है लेकिन जो तरीका अपनाया जाता है वोह गलत होता है।

इस तरह के SEO में keyword stuffing, Image और इमेज ओवरलोडिंग, link farming, spam Hyper links, hidden text का इस्तेमाल किया जाता है जो गूगल के गाइड लाइन्स में शामिल नहीं है। यहां सर्च इंजन के आटोमेटिक प्रोग्राम को forcefully पेज को रैंक करने कहा जाता जाता है जिससे क्रॉलिंग के इस आटोमेटिक प्रोग्राम को bypass या स्किप करके आपका आर्टिकल गूगल के फर्स्ट पोजीशन में रैंक करने करता है।

यह तकनीक ज्यादा इफेक्टिव होने की वजह से और गूगल की पॉलिसी को bypass करने की वजह से आप ब्लॉग को आसानी से रैंक कर लेते है, लेकिन शायद आपको पता ना हो, गूगल का पांडा सर्च अल्गोरिथम अब और बेहतर हो गया है और वो अब आपकी चाल को और अच्छेसे समझने लगा है। हलाकि यह प्रोसेस ऑटोमेटिकली होती है लेकिन आजतक कोई ऐसा नहीं है जो गूगल के अल्गोरिथम को समझ पाया है. इसलिए इसके इस्तेमाल से आपका ब्लॉग permanently गूगल सर्च से ब्लॉक भी हो सकता है।

Black hat techniques कौनसी है और कैसे काम करती है इसे जानने के लिए आप ब्लॉगर जैसे प्लेटफार्म पर fake ब्लॉग भी बनाकर भी पब्लिश कर सकते है और इससे यदि अकाउंट ब्लॉक भी हो गया तो भी आपको कोई नुकसान नहीं होगा।

अब आपको ये तो समझ में आगया होगा की ब्लैक हैट क्या होता है, इसलिए अब हम इसके उन तरीको के बारे में जानते है जिससे Black hat SEO किया जाता है.

Black Hat SEO कैसे करे (15 Effective Black Hat SEO Techniques)

Black Hat SEO करने के बहोत सारे तरीके है लेकिन यहां मैं आपको 15 इफेक्टिव तरीको के बारे में बताऊंगा जिसे आप यूज करके आर्टिकल को रैंक में ला सकते है.

1. Keyword stuffing

आपके मेन कीवर्ड को लिमिट से ज्यादा बार पोस्ट में इस्तेमाल करने को ही कीवर्ड स्टफ़िंग कहते है। आसान भाषा में कहे तो, मानलो यदि 2 लाइन का paragraph आपने लिखा है और आप उस पैराग्राफ मे कीवर्ड को 5-6 बार यूज कर रहे हो जिससे keywords के चलते आपकी पोस्ट जल्दी रैंक हो जाये।

निचे दिया उदाहरण देखकर आप इसे समझ सकते है-

Keyword stuffing का उदाहरण-

यदि आप एक मोबाइल को ढूंढ रहे है तो आपको मोबाइल किसी भी दुकान में मिल जायेगा जिससे आपको मोबाइल लेने में कोई परेशानी ना उठानी पड़े और आप मोबाइल को जल्दी ढूंढ सके. 

ऊपर के उदाहरण में हमने सिर्फ देड लाइन में ही कीवर्ड का 4 बार इस्तेमाल किया है, लेकिन जो इस seo को करने माहिर होते है वोह ऐसे 50 से 100 कीवर्ड का इस्तेमाल अपने आर्टिकल में करते है.

जब गूगल ने मार्केट में अपना कदम रखा था तब साल 2000 तक सभी SEO experts इस तरह की techniques को यूज करके ब्लॉग को टॉप रिजल्ट में ले आते थे, लेकिन गूगल अब काफी ज्यादा एडवांस हो गया है और अब वह ऐसी चीजे करने वाले ब्लॉग्स को penalize कर रहा है और उनके आर्टिकल्स सर्च रिजल्ट्स से ब्लॉक कर रहा है।

इसलिए मेरी आपको यही रिकमेन्डेशन रहेगी की कंटेंट या जानकारी को हमेशा यूनिक रखो, काहीसे कॉपी मत करो और keyword density पर भी ध्यान दो।

Best Keyword Research Tools- ahrefs and google keyword planner

इसके अलावा यह यूजर को bad experience दिलाता है जिससे ब्लॉग पर पहले तो ट्रैफिक बहोत ट्रैफिक आती है लेकिन उतनी जल्दी ही गूगल पांडा अल्गोरिथम आपकी पोस्ट को सर्च रिजल्ट से हटा देता है.

इसलिए 1000 words के आर्टिकल में आपको 15 से 20 बार ही कीवर्ड का इस्तेमाल करना है, ना उससे कम ना उससे ज्यादा।

Keyword Density Formula – (1.5 or 2%) x article words length (i,e 1000) / 100 = 20 Keywords in 1000 words of article.

Ideal Density by Experts – 1 to 2%

2. Irrelevant Keywords 

कीवर्ड over optimization के गेम में दूसरा आता है,  Irrelevant Keywords को यूज करना. इसमें ऐसे कीवर्ड का इस्तेमाल पैराग्राफ में या पेज पर कही भी किया जाता है जो आपके मेन कीवर्ड से बिलकुल ही अलग होते है.

उदाहरण के लिए, जब कोई आपके वेबसाइट पर विजिट करेगा तब आप पोस्ट में ऐसी लिंक डालोगे या ऐसे कुछ लिखोगे की पढ़ने वाला व्यक्ति उस ad पर या उस लिंक पर क्लिक करे जिससे आपका CTR बढ़ जाये।

जैसे की, यहां क्लिक करो आपको ये मिलेगा, या अपने abuse करने वाली लिंक डाल दी लेकिन लिंक पर लिखा कुछ और है और उसपर क्लिक करने से पेज कही और redirect हो रहा है.

ऐसा करने में सिर्फ rank हासिल करना यही इनका एक main motive रहता है.

3. Hidden Words

ऐसे कीवर्ड्स का इस्तेमाल करना जो यूजर को पढ़ते वक्त दिखाई ना दे, इसीको hidden keywords कहते है. इसे हम एक तरह की keyword stuffing भी बोल सकते लेकिन दिखाई न देने की वजह से यह आपके पोस्ट यूजर फ्रेंडली तो बनता ही है बल्कि यह आपके आर्टिकल को रैंक करने में भी ज्यादा समय नहीं लगाता।

यह कीवर्ड आपके मेन keywords भी हो सकते है या फिर आपके आर्टिकल के बिलकुल विपरीत भी हो सकते है. लेकिन जिन कीवर्ड का इसमें इस्तेमाल करना होता है, उनका सर्च वॉल्यूम काफी ज्यादा होता है, जिससे आपकी पोस्ट मल्टीपल कीवर्ड पर रैंक कर जाती है.

इसमें माहिर खिलाडी keywords को white कलर दे देते है और ऐसा करते वक्त वह ये भी ध्यान रखते है किस keyword को कौनसी जगह इन्सर्ट करना है।

ऐसे लोग बड़े ही स्मार्ट होते है लेकिन गूगल के एडवांस AI अल्गोरिथम के चलते उनका स्मार्टनेस काम नहीं कर पता और वो अपनी ब्लॉग को हमेशा के लिए खो देते है।

यदि आपने सर्च इंजन क्या होता है इसके बारे में पढ़ा होगा तो आपको यह तो पता होगा की गूगल के क्रॉलर्स या spyders ऐसे Hidden words को आसानी से ढूंढ सकते है और यदि ऐसा कुछ मिल जाये तो आपके आर्टिकल को ब्लॉक करना उनके बाये हात का खेल होता है।

इसे जरूर पढ़े-

3. Cloaking

यह एक ऐसी black hat seo technique है जिसमे यूजर को दिखाई देने वाली कंटेंट और गूगल के क्रॉलर को दिखाने वाली कंटेंट अलग अलग होती है।

मलतब की इसमें ऐसा कंटेंट होता है जो सर्च इंजन में रैंक करने के लिए अलग होता है, गूगल बॉटस जब वेबसाइट क्रॉल करेंगे तब उनके लिए अलग होता है और यूजर को दिखाने वाला कंटेंट दूसरा होता है.

Spam या miss-guided कंटेंट वाली वेबसाइट क्लॉकिंग का ज्यादातर इस्तेमाल करती है, इससे आपका ब्लॉग permanently गूगल सर्च इंजन से globally ब्लॉक हो सकता है और यदि आपकी उससे अच्छी earning हो रही हो तो आपका काफी बड़ा नुकसान भी हो सकता है।

खासकर इस्तेमाल तब किया जाता है जब सर्च इंजन के एल्गोरिथ्म को मूर्ख बनाना होता है।

इसलिए अगर आप लम्बे समय तक ब्लॉग्गिंग को एक करियर के रूप में देख रहे हो तो ऐसी चीजों से दूर रहोगे तो बेहतर होगा।

4. Spinning Articles

गूगल पर इसका इस्तेमाल हर एक दूसरा ब्लॉगर करता है जिसको सिर्फ कंटेंट को किसी भी तरह भरना होता है और उसे पब्लिश कर देना होता है.

Spinning Article में किसी पॉपुलर ब्लॉग के आर्टिकल को कॉपी करके अपने ब्लॉग में उसे plugin या वेबसाइट की मदद से re-write किया जाता है। जिससे कॉपी किये हुए शब्द दूसरे शब्दों से बदल जाते है और आपकी पोस्ट १००% यूनिक हो जाती है.

Spinning Article का उदाहरण-

Spinning Article seo technique
Spinning Article SEO technique

Spinning Article को क्यों यूज ना करे-

  • इस तरह के आर्टिकल्स में Content की quality कम होती है क्यों की यहां आटोमेटिक टूल का इस्तेमाल किया जाता है.
  • वर्ड्स की जगह उससे रिलेवेंट शब्दों से बदलने के कारण उसमे जो मीनिंग होता है वो बदल जाता है, जिससे visitors वो वोह एक्सपीरियंस नहीं मिल पता जो ओरिजनल कंटेंट में मिलता है, जिसकी वजह से आपके रेगुलर यूजर्स कम हो जाते है और इससे आपकी Earning पर भी बुरा प्रभाव पड़ता है.
  • ऐसे टूल इम्पोर्टेन्ट keywords को टेक्स्ट से हटा देते है जिसकी वजह से आपका आर्टिकल उन कीवर्ड्स पर सर्च रिजल्ट में rank नहीं हो पाता.

5. Over-Optimized Image Alt Tag

अगर आपको पता ना हो, तो मैं आपको बता दू की इमेज भी SEO का हिस्सा होता है. ऐसे SEO techniques मे एक ही इमेज के alt tag में कीवर्ड का दो-तीन बार इस्तेमाल किया जाता है।

Over-Optimized Image SEO का एक negative साइड माना जाता है जिससे आपकी रैंक वाली पोस्ट भी इसके चलते डाउन हो सकती है.

इसे हम उदाहरण से समझते है-

over optimized alt tag

इसलिए यदि आप इमेज को आर्टिकल में इन्सर्ट करना चाहते है तो alt tag में keyword का एक ही बार इस्तेमाल करे जिससे गूगल सर्च इंजन आपके इमेज के alt टैग से ही आपके आर्टिकल के टॉपिक को अच्छे से समज सके, ना की आप उसे जानने के लिए force करे.

6. Link Farming

यह Black Hat SEO Techniques में बहोत ही सेफ तरीका माना जाता है क्यों की इसमें वेबसाइट चलाने वाला खुद ही 50-100 वेबसाइट अलग अलग सर्वर पर बनाता है और उन websites को मेन वेबसाइट से Indirectly जोड़ता है. इसके अलावा वेबसाइट का ओनर paid सर्विस को भी खरीदता है जिससे वो High Domain Authority वाली साइट पर अपने वेबसाइट का लिंक डाल सके.

black hat seo link farming (1) (1)

ऐसा करने से बैकलिंक्स तो काफी ज्याद बढ़ जाती है और आपका ब्लॉग भी जल्दी रैंक पर आ जाता है, क्यों ये सभी do-follow लिंक्स होती है और ऐसे लिंक्स गूगल वैल्यू प्रदान करता है.

Link Farming का इस्तेमाल ज्यादातर इस्तेमाल paid traffic देने वाली सर्विसेस करती है और इसके लिए वो लाखो करोडो रुपये भी लेती है. जहा वो आपके पैसो से अलग अलग सर्वर और डोमेन को खरीद कर प्रोफेशनल websites बनाती है और उसमे आपकी वेबसाइट का लिंक डाल देती है.

यह बहोत ही इफेक्टिव तरीका है लेकिन गूगल इसे Black Hat की तरह ही देखता है और आपके ब्लॉग को penalize भी कर देता है. हलाकि इसका इस्तेमाल करना काफी सेफ माना जाता है क्यों की ऐसे Paid service वाली companies के पास SEO experts होते है जो high डोमेन अथॉरिटी वाले साइट पर ही आपके वेबसाइट की लिंक डालते है जिससे आपके डोमेन की अथॉरिटी बढ़ जाती है और इससे गूगल को भी कुछ पता नहीं चलता।

तो अगर आपके पास पैसे है तो आप इस technique का इस्तेमाल कर सकते हो, जिससे आप जल्दी गूगल पर अपने आर्टिकल को टॉप में ला सकोगे।

7. Doorway Pages or Gateway Pages

इस तरिके में सिर्फ टाइटल का ही SEO किया जाता है और कंटेंट में irrelevant जानकारी डाली जाती है, लेकिन कीवर्ड की डेंसिटी का भी इसमें खयाल रखा जाता है। ऐसे आर्टिकल्स में keyword stuffing और Hidden keywords का काफी ज्यादा इस्तेमाल किया जाता है और उस पेज को multiple keywords पे rank करके दूसरे high quality वाले आर्टिकल्स के साथ लिंक किया जाता है.

Doorway Pages का उदाहरण-

doorway pages

इससे आपकी traffic दूसरे आर्टिकल्स पर डाइवर्ट हो जाती है जिससे सभी पेजेस keyword पर rank करने लगते है और उससे आपको अच्छा बेनिफिट होता है. और ऐसा एक पेज नहीं बल्कि कही सारे पेजेस तैयार किये जाते है और उस पेज में सही जगह Internal लिंकिंग भी की जाती है जिससे आपके ब्लॉग पर traffic increase हो.

मार्च 2015 में, Google ने विशेष रूप से इस प्रकार की तकनीक के लिए एक नया डोरवे पेज पेनल्टी एल्गोरिथम लॉन्च किया था जिससे वोह irrlevant जानकारी के पेजेज को सर्च इंजन से black hat seo कंसीडर करके हटा सके.

8. Social Network Traffic और Spam Traffic

आप मेरे लिंक पर क्लिक करो मैं आपके लिंक पर क्लिक करूँगा। ऐसा हर एक ब्लॉगर सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पे या टेलीग्राम जैसे चैट ग्रुप पे लिंक शेयर करके कहता है और बाद में होता क्या है? ट्रैफिक सिर्फ आती है सोशल मीडिया से या फिर whatsapp या टेलीग्राम से.

आप यही सोच करे होंगे की भाई कुछ भी हो traffic तो आती है मेरे वेबसाइट पे.

लेकिन आपको यह ध्यान में रखना होगा की गूगल का सर्च अल्गोरिथम सिर्फ उन्ही वेबसाइट को रैंक करवाता है जिनकी ट्रैफिक organic हो, मतलब की सर्च रिजल्ट से आती हो.

जब भी हम नया ब्लॉग बनाते है और आर्टिकल्स लिखते है तब उसे सोशल मीडिया पर जरूर शेयर करते है. इसके लिए ज्यादा तर फेसबुक का इस्तेमाल किया जाता है जहा Link Exchange करने के लिए हम दूसरे लोगो से कहते है.

इससे आपके पेज पर व्यूज तो काफी बढ़ जाते है लेकिन विजिट करने वाला व्यक्ति कितनी देर तक आपके पेज पर engage रहता है यह भी SEO में डिपेंड करता है. अगर लिंक्स एक्सचेंज करने वाले लोग विजिट करने के बाद तुरंत ही पेज को क्लोज करे तो गूगल इस नकारात्मक तरीके से देखता है और उसके प्रोग्राम को यही लगता है की इस आर्टिकल में कोई भी चीज quality की नहीं है इसलिए लोग इसे पढ़कर तुरंत back जा रहे है.

इसकी वजह से आपके आर्टिकल की रैंक तो बढ़ नहीं पाती और फेसबुक जैसे सोशल मीडिया वेबसाइट भी उसे स्पैम लिंक समझकर permantly ब्लॉक कर देते है। इस वजह से आपके पेज पर व्यूज तो हजारो आते है लेकिन आर्टिकल गूगल पर रैंक नहीं हो पाता।

इसलिए अगर आप ब्लॉग को seriously चलाना चाहते है तो लिंक्स एक्सचेंज और स्पैम ट्रैफिक से दूर ही रहोगे तो आपके लिए अच्छा होगा, क्यों की इससे आपको ऑर्गेनिक ट्रैफिक मिलेगा और आगे चलके earning में फायदा भी होगा।

9. Copied Content

Copied कंटेंट एक ऐसा कंटेंट होता है जो एक से ज्यादा वेबसाइट पर मौजूद होता है. इसका सीधा मतलब होता है वो जानकारी किसी और को own करती है और आप उस पर्टिकुलर URL से उसे चुरा रहे है.

जब गूगल क्रॉलर किसी वेबसाइट को सर्च रिजल्ट पर दिखाने के लिए उस कीवर्ड के रिलेटेड जितनी भी websites होती है उन्हें स्कैन करता है तब उसका अल्गोरिथ ऐसी ही वेबसाइट को वेबसाइट सर्च रिजल्ट में दिखता है जिसका कंटेंट ओरिजनल है. इसके लिए गूगल पोस्ट कब पब्लिश किया, कब उसे मॉडिफाइड किया इन सभी चीजों का डेटा उसके सर्वर पर स्टोर रखता है जिससे वोह आसानी से डुप्लीकेट कंटेंट का पता लगा सके.

10. Scraped Content

कंटेंट स्क्रैप करना यानी किसी वेबसाइट के कॉपीराइट चुराकर उसकी authorized जानकारी या किसी टूल को अपने वेबसाइट पर पब्लिश करना। इसे आप copied कंटेंट से भी जोड़के देख सकते है.

किसी के कॉपीराइट को चुराना सिर्फ इंडिया में नहीं बल्कि सभी countries में illegal होता है. इसके अलावा गूगल के मुताबिक किसी और की जानकारी को स्टोर करना, उसे मॉडिफाइड करना या किसी जानकारी या वेबसाइट को manipulate करके इस्तेमाल करना गूगल के guidelines के खिलाफ होता है जिससे उस वेबसाइट का ओनर कानूनन आपके ऊपर case भी कर सकता है.

इसलिए किसी की जानकारी को कॉपी करना हो तो स्मार्ट तरीके से करे जिससे आपको बादमे पछताना ना पड़े.

11. Clickbait

Black hat seo techniques मे इसका सबसे ज्यादा इस्तेमाल किया जाता हैं. Clickbait का मतलब होता है अपने ब्लॉग पेज के टाइटल में Eye catching और भ्रामक टेक्स्ट को डालना जिससे गूगल पर सर्फिंग करने वाला आपके लिंक पर क्लिक करे.

आपने कही बार देखा होगा की, tablet या मोबाइल free में ख़रीदे, या फिर आप इस सर्वे को कम्पलीट करोगे तो आपको apple का नया फ़ोन मिलेगा और ऐसी कही सारी चीजे। ऐसा करने का इनका मकसद ज्यादा से ज्यादा क्लिक पाकर ब्लॉग का CTR बढ़ाना होता है.

लेकिन हाली में गूगल ने लोगो को भटकाने वाले लिंक्स को या उन पेजेस को गूगल से हटाना शुरू कर दिया है इसलिए यदि आप ऐसा करने के बारे में सोच रहे  हैं तो इस idea को अभी ड्रॉप करदे जिससे बादमे आपको कोई नुकसान नहीं होना चाहिए.

12. Spam Comment  

यदि आपकी भी कोई वेबसाइट तो आपने कभी ना कभी स्पैम comments का सामना किया ही होगा। लोग प्रमोशन के लिए उनके प्रॉडक्ट की या सिर्फ मजे के लिए हार्मफुल वेबसाइट के पेजेस की लिंक आपके कमेंट सेक्शन में डाल देते है.

ऐसा करने उन्हें काफी सारे बैकलिंक्स और फ्री के ट्रैफिक मिल जाती है जिसके चलते उनके पेजेस गूगल में रैंक करने लगते है. हालांकि यह nofollow होती है लेकिन यह भी Black Hat SEO का ही एक पार्ट है.

अगर आप वर्डप्रेस जैसे प्लॅटफॉर्म को इस्तेमाल कर रहे है तो आपको वहा पे comment को मॉडिफाई करने का ऑप्शन मिल जाता है, जिससे आप ऐसे spammy comments को रोक सकते है.

तो यदि आप किसी वेबसाइट पर कमेंट करके आर्टिकल की लिंक को शेयर कर रहे है, तो एक ही लिंक को सभी जगह शेयर मत करे नही तो गूगल उसे स्पैम समझके blacklist में डाल देता है जिससे आपको व्यूज मिलने पर भी सर्च रिजल्ट पर रैंक नहीं मिल पाती। इसलिए हमेशा हाई डोमेन अथॉरिटी वाली साइट पर ही कमेंट करे और साथ में ये भी ध्यान रखे की आपके एक ही लिंक को बार बार शेयर नहीं करना है.

13. Guest Post Spam  

यह backlinks लेने का सबसे बढ़िया तरीका है और शायद सभी ब्लॉगर इन technique को फॉलो करके अपने ब्लॉग को टॉप रिजल्ट लाने में सफल हो जाते है.

लेकिन कुछ ऐसे भी महाशय होते है जो लोगो के contact page पर जाकर अपने वेबसाइट की लिंक डाल देते है और उसे फॉलो करने के लिए बोलते है, यही नहीं वोह multiple टाइम्स मैसेज या मेल करते है जैसे, आप मेरे वेबसाइट की लिंक आपके आर्टिकल में इन्सर्ट करो, या फिर कुछ suggetions दो. ऐसी चीजे करने का उनका motive high authority वाली वेबसाइट से dofollow लिंक लेना होता है और कुछ तो इसमें सफल भी हो जाते है.

इसके अलावा जो लोग guest blogging करने के लिए message भेजते है, उससे यदि गलती से भी आपके वेबसाइट की लिंक लो अथॉरिटी या spam लिंक से वेबसाइट से जुड़ गयी तो आपके ब्लॉग ranking पर इसका बुरा इफ़ेक्ट देखने को मिलता है. इसलिए हमेशा पेज और डोमेन अथॉरिटी को चेक करके ही guest post websites को मेल या कमेंट करे.

14. Negative SEO

इस तकनीक में पहले से रैंक होनी वाली वेबसाइट के बारे में गूगल को रिपोर्ट करना या उसके बारे में सोशल मीडिया या दूसरे ब्लोग्स पे कमेंट करके उस रैंक वाली वेबसाइट को penalize करने को ही Nigative SEO कहते है.

इन्हे ब्लॉगिंग क्षेत्र में haters कहा जाता है, ऐसे ब्लॉग्स खुदके वेबसाइट की रॅंकिंग बढ़ाने के बजाय दुसरो के वेबसाइट के रैंक कम करने में लगे रहते है.

इसके रोकना हमारे हात में नहीं होता और मुझे बुरा लगता है उनके बारे में, जिनके साथ haters ये सब करते है. लेकिन cognitiveseo नामक एक tool से हम unnatural लिंक्स को नेविगेट कर सकते है, जिससे हमे बैकलिंक्स कौनसे वेबसाइट पर जा रही है इसका पता लगता है. तो ऐसी चीजे आपके साथ भी हो रही है तो आप इस टूल का इस्तेमाल कर सकते है और not १००% पर इसके आपको bad links के बारे में तो पता चल जायेगा।

15. Content Automation 

Content automation में ऐसे टूल या script का इस्तेमाल किया जाता है जिससे जानकारी बिना किसी एफर्ट के पोस्ट में इन्सर्ट की जाती है और आपके वेबसाइट में पब्लिश की जाती है.

इस तरह का टूल औटोमाटिकली टेक्स्ट ऐड करके पब्लिश कर देने की वजह से यह यूजरफ्रेंडली एक्सपीरियंस या heading, इमेजेस, पैराग्राफ, स्पेसिंग, एलाइनमेंट, ऐसी कोई भी चीज मायने नहीं रखती। इनका इरादा सिर्फ व्यूज गेन करने का और अपने आर्टिकल को टॉप रिजल्ट में लाने का होता है।

इससे आपके डोमेन अथॉरिटी और पेज अथॉरिटी पर बहोत ही बुरा इफ़ेक्ट होता है जिसके चलते लोगो का अपने डोमेन पर का विश्वास कम हो जाता है, जिसके चलते कुछ ही समय में आपके वेबसाइट रैंक कम होने लगती है. तो यदि आप ऐसे टूल्स का इस्तेमाल करने वाले हो तो यूजर के ऑन पेज एक्सपीरियंस का जरूर खयाल रखे और पोस्ट की इमेजेस, पैराग्राफ, स्पेसिंग, एलाइनमेंट को ठीक करके पब्लिश करे.

तो ये थे कुछ इम्पोर्टेन्ट Black Hat SEO टेक्निक्स जिनका लोग इस्तेमाल करके अपनी वेबसाइट को रैंक में ले आते है. और आप भी ऐसी टेक्निक्स का इस्तेमाल करने के बारे में सोच रहे हो तो बाद में आप गूगल से penalize भी हो सकते हो, लेकिन मैं आपको रोकूंगा नहीं क्योकि ये totally आप पर निर्भर करता है की आप किस तरह अपने दिमाग का इस्तेमाल करना चाहते है.

उम्मीद है आपको आर्टिकल हेल्पफुल साबित हुआ हो और आपको इससे थोड़ा बहोत सीखने को मिला हो जिससे आप ब्लॉगिंग में आने के बाद शॉर्टकट तरीका अपनाना चाहते है तो मैंने आपको लोग इसे कैसे करते है इसके बारे में बता दिया है और साथ में इससे आपके ब्लॉग पर क्या इफ़ेक्ट होगा इसके बारे में भी जानकारी दे दी है, जिससे आप अपने लिए बेहतर तरीके को चुन सके.

अगर आपको यह आर्टिकल पसंद आया हो इस अपने दोस्तों के साथ जरूर शेयर करे और यदि आप सोशल मीडिया से जुड़े हुए है तो बाकि लोगो तक इस ब्लॉगिंग SEO techniques को पहुंचाइये जिससे वो black hat seo क्या होता हैं इसके बारे मे जान सके. 

1 COMMENT

  1. 𝕿𝖍𝖆𝖓𝖐𝖘 𝖋𝖔𝖗 𝖙𝖍𝖎𝖘 𝖌𝖗𝖊𝖆𝖙 𝖈𝖔𝖓𝖙𝖊𝖓𝖙 , 𝕴 𝖑𝖎𝖐𝖊 𝖎𝖙 𝖆𝖓𝖉 𝖘𝖍𝖆𝖗𝖊 𝖙𝖔 𝖒𝖞 𝖋𝖗𝖎𝖊𝖓𝖉𝖘..

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