CDN kya hai और ये Website के लिए क्यों जरूरी है

CDN kya hai aur ye kam kaise karta hai

इस आर्टिकल में हम CDN यानी कि कंटेंट डिलीवरी नेटवर्क क्या होता है? हमारी वेबसाइट में इसका क्या यूज है और इसके फायदे और नुकसान क्या है ये सारी चीजें हम यहां कवर करने वाले है, इसलिए आर्टिकल को अंत तक जरूर पढ़े।

किसी भी वेबसाइट के लिए संबसे महत्वपूर्ण चीज उस वेबसाइट की speed होती है, क्यों की यदि वेबसाइट लोड होने में समय लगाएगी तो उसका सीधा असर ट्रैफिक पर होता है और Indirectly earning भी कम जनेरेट होती है. इसलिए वेबसाइट यूजर्स तरह तरह के प्लगिन्स या CDN websites में पैसा खर्च करके अपनी वेबसाइट की स्पीड बढ़ाने में लगे रहते है. हलाकि कुछ websites फ्री में इसे प्रदान करती है लेकिन जब स्पीड के बात आती है इसमें कोई भी compromise नहीं करना चाहता।

यदि आपकी एक वेबसाइट है और आपको भी स्पीड और सिक्योरिटी की चिंता रहती है, तो CDN के इस आर्टिकल को जानने के बाद आपकी वो चिंता भी दूर हो जाएगी। क्यों की यहाँ मैंने आपके CDN के बारे में सारे सवालो के जवाब कवर किये है जिसके बारे में नए वेबसाइट ओनर्स गूगल पर सर्च करते हैं.

इस आर्टिकल में इन सवालो के जवाब दिए गए है-

  • CDN क्या है
  • CDN वेबसाइट के लिए क्यों जरूरी होता है
  • यह काम कैसे करता है
  • इसका वेबसाइट की स्पीड में क्या role है
  • इसके फायदे क्या है
  • क्या यह फ्री में SSL प्रदान करता है

CDN kya hai aur ye kam kaise karta hai

CDN kya hai

CDN का full form “Content Delivery Network” है जिसका मुख्य उद्देश्य किसी भी वेबसाइट की स्पीड और सिक्योरिटी को बढ़ाना होता है.

इस तरह के नेटवर्क में अलग अलग locations में CDN websites के servers या डाटा सेंटर्स होते है जो आपके मेन वेबसाइट की जानकारी को उनके सर्वर्स की temporary मेमरी में स्टोर करके रखते है, जिससे वेबसाइट को विजिट करने वाले व्यक्ति के locations के अनुसार उनके नजदीक के सर्वर से जानकारी को फेच किया जाता है जिससे आपके वेबसाइट के main सर्वर पर किसी भी तरह का लोड नहीं रहता है और वेबसाइट की स्पीड Improve हो जाती है।

CDN का उदाहरण-

मान लजिए आपकी कोई वेबसाइट है जो GoDaddy पर होस्टेड है और उस होस्टेड वेबसाइट का जो डेटा सेंटर है वो इंडिया में है. तो ऐसे केस में अगर कोई आपकी वेबसाइट USA से विजिट करता हैं तो वहा पर आपकी वेबसाइट बहुत स्लो ओपन होती है। क्यों कि USA से रिक्वेस्ट आती है इंडिया में और फिर इंडिया से वो डेटा लेकर जाती है। जिससे टाइम ट्रैवल बढ़ जाता है और वेबसाइट स्लो लोड होने लगती है.

CDN काम कैसे करता है

CDN प्रोवाइड करने वाली वेबसाइट के दुनिया भर में अलग अलग जगह पर अपने डाटा सेंटर्स होते है, तो वो वेबसाइट आपके वेबसाइट की एक कॉपी अपने डेटा सेंटर के टेम्पररी मेमोरी में सेव करके रखती है। और जब भी कोई विजिटर उस कंट्री से विजिट करता है तो वो रिक्वेस्ट इंडिया में ना आकर उनके नजदीक के डेटा सेंटर से आती है। अगर वो कैलिफोर्निया में है तो कैलिफोर्निया के डेटा सेंटर से वो आपका डेटा उनको दिखाती है।

यानि की आपकी वेबसाइट उन्हें उनकी Nearest डेटा सेंटर से fetch होके दिखती है। अब ऐसे में टाइम ट्रैवल और जो यूजर और सर्वर के बिच का कम्यूनिकेशन होता है वो काफी कम हो जाता है जिसकी वजह से उनको कंटेंट बहोत फास्ट डिलीवर होता है।

CDN वेबसाइट के लिए क्यों जरूरी हैं

Content Delivery Network Working

Before CDN: ज़ब हम किसी website को host करते हैं तो यहां पे एक ही server होता हैं और जब मल्टिपल यूजर website को विजिट करते हैं तो जो भी रिक्वेस्ट आती है वो इसी सर्वर से आती है. जिसकी वजह से server पर load बढ़ता हैं और website को ओपन होने मे समय लगता हैं.

After CDN: लेकिन जैसे ही आप अपनी वेबसाइट को CDN के थ्रू कनेक्ट करते हैं तो इसमें जो भी विजिटर होते हैं, उनकी request CDN के nearest डेटा सेंटर से डेटा को fetch करती है। इससे मेन सर्वर पर रिक्वेस्ट आती ही नहीं है, या फिर main server पर load ना के बराबर होता हैं। जिससे वेबसाइट को fast load होने मे मदद मिलती हैं.

CDN के फायदे

यहां पर हमने CDN कैसे काम करता है इसे example के साथ समझा। अब मैं आपको बताता हूं कि CDN से हमें क्या क्या क्या फायदे हो सकते है।

1. Free SSL 

CDN इन्स्टॉल करने के बाद आप अपनी वेबसाइट पे Free universal SSL इंस्टॉल कर सकते हैं। इसके लिए आपको किसी को कोई पैसे देने की जरूरत नहीं होगी.

 2. Website Downtime

दूसरा बेनेफिट जो सबसे इम्पॉर्टेंट बेनिफिट है वो ये है कि, ज़ब आपकी website पर ज्यादा रिक्वेस्ट आती हैं यानि की आपकी वेबसाइट पर traffic ज्यादा रहती हैं तब इसमें आपकी वेबसाइट डाउन चली जाती है। क्यूं कि जैसा की मैंने आपको उपर बताया की आपकी वेबसाइट एक सीपीयू पर hosted होती है।

यह ठीक उसी तरह होता हैं जिस तरह हम यदि कंप्यूटर को ज्यादा use करें तो हमारी सिस्टम lag हो जाती है ठीक उसी तरह हमारे वेबसाइट में जब सर्वर पे traffic जाती है तब हमारे होस्टेड server पर load बढ़ता हैं और website error थ्रो करती हैं. और ज़ब हम CDN को कनेक्ट करते हैं तब जब भी कोई विजिटर आपकी वेबसाइट पर विजिट करता हैं तो वो request आपके सर्वर पे ना जाकर उनके nearest डेटा सेंटर या server से जाती हैं। इसकी वजह से आपकी website कंप्लीट ली फास्ट हो जाती है।

3. Security from online Attacks

CDN यूज करने पर आपकी वेबसाइट highly Secure रहती है। मैं यहां SSL की बात नहीं कर रहा हूं। मैं यहां सिक्योरिटी Attacks की बात कर रहा हूं। क्यों की ज़ब ट्रैफिक ज्यादा रहती हैं तब hackers आपकी वेबसाइट पर brute force जैसे ऑनलाइन अटैक्स करने की कोशिश करते हैं, इसके साथ लॉगइन को भी बायपास करने की कोशिश की जाती है। और बहोत ट्रैफिक भेजी जाती है जिसके चलते वेबसाइट क्रैश होने का खतरा बढ़ जाता हैं.

लेकिन ऐसे में अगर आपकी साइट CDN से कनेक्टेड होती है तो आपको ये प्रॉब्लम को फेस नहीं करना पड़ता. CDN websites ऐसे attacks को प्रिवेंट करती क्यों की यहां पर उनके server क्रैश होने की संभावना रहती हैं, इसलिए वो खुदके servers को अपने साइड से हैंडल करती है.

इसलिए ज़ब भी आप कोई वेबसाइट बनाओ तो आपको अपनी वेबसाइट को CDN से definitely करने कर लेना चाहिए.  क्यों की वेबसाइट fast होने से यूजर एक्सपीरियंस इम्प्रूव हो जाती है यानि की आपकी वेबसाइट तेज होने की वजह से कोई भी यूजर रिटन नहीं जाता है, जिससे आपकी वेबसाइट का बाउंस रेट भी काफ़ी मैनेज हो जाता है। और जब वेबसाइट स्लो होती है तब वहा आपकी यूजर एक्स्पीरियंस का bounce रेट पर बहोत ही बुरा असर पड़ता है, जिससे traffic और earning दोनों कम हो जाती हैं.

यदि आपको यह आर्टिकल पसंद आया हो तो इसे अपने दोस्तों के साथ जरूर शेयर करें और अगर आप सोशल मीडिया से जुड़े हुए है तो वहां पर भी लोगो को इस आर्टिकल के बारे मे बताइये जिससे सभी इस term के बारे मे जान सके.

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