Virtual Reality क्या हैं और कैसे काम करता हैं

What is VR - Virtual Reality Kya hai

आपने जिंदगी में कभी ना कभी तो वीडियो गेम्स खेले ही होंगे। जब हम किसी गेम को खेलते है और गेम खेलते वक्त उसमे खो जाते है, तब आपको यही लगता है की आप गेम के अंदर ही है. यह एक आभासी दुनिया होती है जो मूवी, किताबे, वीडियो गेम्स से रची जाती है, लेकिन इसका वास्तव की दुनिया से कोई संबंध नहीं होता। ऐसी तकनीक जो हमारे वास्तव की दुनिया को आभासी दुनिया के जोड़ती है, उसी तकनीक को आज Virtual Reality कहा जाता है.

इस तकनीक को कंप्यूटर या किसी डिवाइस पर निर्मित करके उसके साथ कनेक्ट किया जाता है और इंसान को आभासी दुनिया का अनुभव दिया जाता है. Virtual Reality एक Artificial Intelligence (AI) तकनीक है जो किसी यंत्र (गॉगल) में सॉफ्टवेयर के जरिये क्रिएट की जाती है. जो उस यंत्र के जरिये व्यक्ति को एक real environment में ले जाती है और उसे अवास्तविक संसार का अनुभव कराती है.

Virtual Reality पूरी तरह से इमेजिनरी होती है लेकिन इसमें ऐसा एनवायरनमेंट क्रिएट किया जाता है जिससे यह उस व्यक्ति को रियल प्रतीत होता है. ऐसा एनवायरनमेंट क्रिएट करने के लिए हेडसेट तैयार किये जाते है, जिसमे वोह सभी चीजे होती है जो थिएटर में मूवी देखते वक्त हमे महसूस कराती है. Virtual Reality हेडसेट में sensors, high quality साउंड सिस्टम, high resolution (HD) स्क्रीन लगी हुयी होती है जिससे यह टेक्नोलॉजी बहोत ही अच्छा एक्सपीरियंस यूजर को दिलाती है.

यह ठीक उसी प्रकार होता है जिस तरह कार ड्राइविंग क्लास वाले लोग हमे नकली कार मशीन के जरिये हमे ड्राइवर सिखाते है. कही जगह पर ऐसे मशीन होते है जिसमे सेम कार जैसी ही मशीन रूम में फिट कि जाती है और नए लर्नर्स को उन मशीन पर बिठाकर आभासी कार चलाने के प्रशिक्षण दिया जाता है. और ऐसा सिर्फ car driving में नहीं बल्कि Airlines Pilots के ट्रेनिंग के वक्त भी इस्तेमाल किया जाता है.

इसलिए इस नई तकनीक के बारे में मैं आपको जानकारी देने वाला हूँ जिसे Virtual Reality के नाम से जाना जाता है.

इस आर्टिकल में हम सीखेंगे की Virtual Reality क्या है, यह कैसे काम करती है, यह कहा यूज की जाती है और इस तकनीक के काम में आने वाले उपकरण कौनसे है? जिससे आपको इस तकनीक को विस्तार से समझने में आसानी होगी।

What is VR - virtual reality kya hai

Virtual Reality क्या है

Virtual Reality एक तकनीक है जिसमे कंप्यूटर सॉफ्टवेयर और hardware device के प्रयोग से व्यक्ति को काल्पनिक या आभासी दुनिया का अनुभव (real experience) दिया जाता है. इसमें कंप्यूटर सिस्टम के जरिये आभासी दुनिया को क्रिएट करते है जो वास्तव में ना होते हुए भी भी सत्य जैसा real एक्सपीरियंस दिलाता है और इसी आभासी दुनिया के वास्तविक अनुभव कराने को ही Virtual Reality कहा जाता है.

उदाहरण के लिए हम एक कार या बाइक रेस गेम खेल रहे है, तब हमे कभी कभी ऐसा प्रतीत होता है की हम वास्तव में कार ड्राइव कर रहे है. हलाकि वास्तव में ऐसा नहीं होता है लेकिन हमे सिर्फ रियल जैसा एक्सपीरियंस कराता है.

Virtual Reality डिवाइस, सॉफ्टवेयर के मदद से व्यक्ति को ऐसी दुनिया में ले जाता है जो वास्तव में होती नहीं, लेकिन व्यक्ति इसके साथ फिज़िकली और मेंटली जुड़ जाता है. और आपको ऐसा लगता है की आप वास्तव में कही पे चल फिर रहे है, किसी चीज को छू रहे है, समुन्दर में तैर रहे है. लेकिन Virtual Reality headset उतारने के बाद आप फिरसे कल्पित दुनिया से वास्तव दुनिया में आ जाते है.

Virtual Reality का इतिहास

Virtual Reality शब्द का सबसे पहला जिक्र 1987 में जेरान लेनियर के द्वारा हुआ था, जो की VPL research के फाउंडर है, और जिन्होंने इस तरह के गॉगल्स और ग्लब्स का अविष्कार किया था जो लोगो को वर्चुअल रियलिटी का एक्सपीरियंस देने के लिए बनाये गए थे.

हलाकि इससे पहले भी कुछ टेक्नोलॉजिस्ट के द्वारा इसपर शंशोधन कर रहे थे. 1956 में वह हॉलीवुड मोशन पिक्चर के जरिये यह देखना चाहते थे की लोग फिल्म देखते वक्त वास्तव में कैसे महसूस करते है. मॉर्टन हीलीग ने सेंसोरामा नामक एक प्रोजेक्ट बनाया जिसमे वास्तविक शहर के मौहल का अनुकरण किया था. जिसमे लोगो को लगता था की वह असल में मोटर साइकिल चला है, शहर में चल रही गाड़ियों को करीब से महसूस कर रहे है और असल में सड़क पर चल रहे है.

1960 से लेकर 1970 तक इसमें कही डेवलपमेंट की गयी लेकिन 1980 का दशक इसमें प्रमुख माना जाता है. क्यों की NASA Ames Research Center में वर्चुअल स्पेस तैयार किया गया था. अभी भी वहा अंतरिष्क यात्री अवकाश में जाने से पहले उसका एक्सपीरियंस इस रिसर्च सेंटर में ट्रेनिंग के तौर पर करते है और उन्हें वहा पे आभासी space का अनुभव कराया जाता है ताकि उस वातावरण में जाने के बाद वह आसानी से उसमे घुलमिल सके.

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Virtual Reality के प्रकार (Types of VR)

Virtual Reality को एक्सपीरियंस करने के कही प्रकार होते है. इसमें तकनीक के जरिये व्यक्ति अलग अलग अनुभव ले सकता है. हर व्यक्ति के बजट के हिसाब से हार्डवेयर और सॉफ्टवेयर को हेडसेट में इनस्टॉल किया जाता है जिससे वह व्यक्ति उसे खरीदकर आभासी दुनिया का एक्सपीरियंस ले सकता है. यानि आप महंगा डिवाइस खरीदोगे तो आपको कही ज्यादा फीचर्स उसमे देखने को मिलेंगे और यदि बेसिक हेडसेट खरीदते है तो आपको कम फीचर्स में काम चलाना पड़ेगा। इसलिए VR के कही प्रकार उसके फीचर्स के हिसाब से devide होते है.

आभासी अनुभव के आधार पर Virtual Reality के तीन मुख्य प्रकार है-

  1. Fully Immersive
  2. Non-Immersive
  3. Semi Immersive

Fully Immersive

Virtual Reality को एक्सपीरियंस करने की यह एक उच्च तकनीक है और उसी वजह से यह काफी महंगी भी होती है. इसमें हेड माउंटेड डिवाइस के साथ ग्लब्स, stereo साउंड्स और एडिशनल चीजे दी जाती है जिसमे पावरफुल सॉफ्टवेयर और हार्डवेयर इनस्टॉल किये जाते है जो हमे रियल जैसा आभासी एक्सपीरियंस दिलाते है.

इसमें चीजे उसी प्रकार बदलती है जिस प्रकार रियल की दुनिया में होता है. इसमें साउंड क्वालिटी और स्क्रीन के क्वालिटी के साथ कोई भी compromise नहीं किया जाता, क्यों की यह एक तरह का प्रीमियम डिवाइस होता है जो खासकर लोगो को अच्छा अनुभव देने के लिए बनाया जाता है.

Non-Immersive

Virtual Reality में सबसे कम आभास कराने वाली तकनीक इसमें यूज की जाती है, क्यों की बाकि प्रीमियम हेडसेट से यह बहोत ही सस्ते होते है. और कंपनी भी आपको सस्ते में उसी प्रकार क्वालिटी प्रदान करती है.

इसमें ऐसा नहीं की आपको आभासी दुनिया का कोई भी एक्सपीरियंस नहीं होता. आपको अनुभव होता है, लेकिन क्वालिटी बाकि devices से काफी कम होती है. इसमें इंसान को आभास High Resolution Monitor के जरिए करवाया जाता है, जो एक 3डी पैटिंग को देखने के समान होता है. (Low resolution, low quality)

इसमें Virtual Reality Markup Language की तकनीक इस्तेमाल की जाती है, जिसमे काफी कम लागत और कम समय में सस्ते और अफोर्डेबल device बनकर तैयार होते है और जो लोगो को आभासी दुनिया का अनुभव दिलाने मे काफी अच्छा नहीं, लेकिन ठीकठाक काम कर जाते है.

Semi Immersive

इसमें Fully Immersive से कम क्वालिटी होती है लेकिन ज्यादा तर मिड्ल क्लास लोग इसी हेडसेट को पसंद करते है.  खासकर यह आपके बजट में होते है और fully immsersive जैसा ही आभासी एक्सपीरियंस लोगो को दिलाते है.

लेकिन इसमें इंसान आंशिक तौर पर ही आभासी दुनिया का वास्तविक अनुभव कर पाता है.

इस तरह के हेडसेट में Virtual Reality बनाने के लिए High Performance Graphical Systems, स्क्रीन प्रोजेक्टर या फिर टेलिविजन का इस्तेमाल होता है.

Semi Immersive में surround sound, joystick, Bluetooth, wifi, computer और मोबाइल के साथ कनेक्शन जैसे कही सारे फीचर्स होते है. इसमें आभासी एक्सपीरियंस Fully Immersive जैसा तो नहीं होता लेकिन काफी हद तक यह उससे करीब ही होता है.

Virtual Reality के उपयोग (Applications)

Virtual Reality का उपयोग सिर्फ मनोरंजन के लिए या किसी चीज को एक्सपीरियंस करने के लिए ही नहीं किया जाता बल्कि इसका इस्तेमाल अब शिक्षा, मेडिकल, डिफेंस क्षेत्र मे भी किया जाने लगा हैं. इसकी टेक्नोलॉजी के और बेहतर होने की वज़ह से इसे अब जटिल समस्याओं का समाधान ढूंढ़ने के लिए और प्रशिक्षण के लिए भी विविध क्षेत्र मे यूज किया जाने लगा हैं.

Virtual Reality का इस्तेमाल निम्न जगाओ पर ज्यादा तर किया जाता हैं-

  • Education
  • Defense
  • Medical
  • Entertainment
  • Art and Architecture
  • Gaming

Virtual Reality in Education

  • शिक्षा के क्षेत्र मे जटिल (complex) समस्याओ को सिखाने के लिए इसका इस्तेमाल किया जाता हैं. जैसे पायलट को सीखना,  अंतरिश्क यात्री को दूसरे एनवायरनमेंट का आभासी अनुभव देने के लिए.
  • मानव शरीर के जटिल रचनाओं को सिखाने मे मेडिकल क्षेत्र मे इसका इस्तेमाल हो रहा हैं.
  • इसके अलावा Surgery, flight cockpit, space trip simulation के लिए भी इसका इस्तेमाल किया जाता हैं.

Virtual Reality in Defense

  • वाहन चलाने के ट्रेनिंग के लिए डिफेन्स मे इसका  इस्तेमाल किया जाता हैं.
  • सैनिको को वास्तविक युद्धाभ्यास के जग आभासी युद्धाभ्यास करवाना.
  • हतियार से निशानी साधने की ट्रेनिंग देना.
  • सामने शत्रु आने पर हम इससे कैसे बच सकते हैं इसका नजदीक से अनुभव देने के लिए भी Virtual reality का इस्तेमाल किया जाता हैं.

VR in Medical

  • मानव मस्तिष्क के complex structure को समझने के लिए
  • ऑपरेशन करने मे सहायता
  • इसमें डॉक्टर द्वारा आभासी ऑपरेशन किया जाता हैं, यहां डॉक्टर अपने स्थान पर ही होता है और ऑपरेशन रोबोट द्वारा किया जाता हैं, जिसमे रोबोट को डॉक्टर VR टेक्नोलॉजी की मदद से कंट्रोल करता हैं.
  • इसके अलावा Virtual reality का उपयोग ड्रग design करने मे और surgery की ट्रेनिंग देने के लिए भी होता हैं.
  • आपने smarts Robots के बारे सुना ही होगा जिसमे नर्स की जगह remotely रोबोट भेजे जाते हैं जो patients को दवाइयां देनेमे, उसे मॉनिटर और examine करने मे मदद करते हैं.

VR in Entertainment and Games

  • Virtual Reality का सबसे ज्यादा उपयोग मनोरंजन के क्षेत्र मे किया जाता हैं.  ख़ासकर गेम को खेलने मे यह तकनीक सबसे ज्यादा यूज की हैं.
  • किसी भी सिम्युलेटर गेम (flight, ट्रक simulation games) को खेलने मे, Call of duty जैसे war गेम मे भी इसका इस्तेमाल किया जाता हैं, जो गेमर को एक बेहतर experience देता हैं.
  • इसमें आप 3D गेम्स को HD मे खेल सकते हैं और VR तकनीक की मदद से अपने एक्सपीरियंस को और अच्छा कर सकते हैं.

Art and Architecture मे उपयोग

  • कला और औद्योगिक क्षेत्र मे आर्टिस्ट द्वारा कलाकृतिया बनाने के लिए VR तकनीक का इस्तेमाल किया जाता हैं.
  • Engineer’s द्वारा किसी भी बिल्डिंग का वास्तविक structure या मॉडल बनाने के लिए Virtual reality का इस्तेमाल किया जा सकता हैं.
  • इसके अलावा VR का इस्तेमाल औद्योगिक क्षेत्र मे car, bike, automation hardware का मॉडल बनाने के लिए भी होता हैं.

क्या Virtual Reality से शरीर को हानि होती हैं?

Virtual Reality के बारे मे यह काफ़ी कॉमन सवाल हैं जो अक्सर पूछा जाता हैं. और Virtual Reality कोई नयी तकनीक नहीं हैं, बल्कि काफ़ी दिनों से लोगो द्वारा इसे इस्तेमाल किया जा रहा हैं. क्यों को google lense, Microsoft holo lense जैसे प्रोडक्ट माकेर्ट मे कही सालो पहले आ चुके हैं. हालांकि तब टेक्नोलॉजी के प्रति लोगो मे काम जानकारी की वजह से यह ज्यादा लोकप्रिय नहीं हुए लेकिन शायद आपको पता ना हो पर ये काफ़ी advanced टेक्नोलॉजी के VR gadgets थे जो अभी के समय से काफ़ी एडवांस, बेहतर और सबसे अच्छा reality experience देने मे सक्षम थे.

VR टेक्नोलॉजी की मदद से वैसे तो कोई भी शारीरिक समस्या नहीं हैं, क्यों की अगर हम मोबाइल या कंप्यूटर भी ज्यादा यूज करेंगे तो हमें शारीरिक समस्या होती ही हैं जैसे, एक जगह बैठने के कारण कमर और गर्दन मे दर्द, ज्यादा यूज करने से आँखों मे जलन, सूखापन जैसी समस्याओ का सामना आपको करना पड़ सकता हैं. इसलिए किसी भी तकनीक का ज्यादा इस्तेमाल करने से आपको थोड़ी बहोत शारीरिक समस्या हो सकती हैं.

आपने क्या सीखा

इस आर्टिकल मे आपने Virtual reality क्या हैं इसके बारे मे विस्तार मे जानकारी हासिल की और इसीके साथ VR के प्रकार, उपयोग और उपकरणों के बारे मे जाना हैं.

मुझे उम्मीद हैं आपको Virtual reality के बारे मे प्रयाप्त जानकारी मिल गयी होगी और यह आर्टिकल आपको काफ़ी उपयोगी साबित हुआ होगा.

यदि आपको यह आर्टिकल पसंद आया हो तो इसे अपने दोस्तों के साथ शेयर करें और अगर आप सोशल मीडिया के साथ जुड़े हुए हैं तो वहां पर भी लोगो को इस आर्टिकल के बारे मे बताये जिससे सभी Virtual Reality टर्म को जान सके.

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