White Hat SEO और Black Hat SEO क्या है | Difference समझे

Black hat seo and white hat seo

यदि आप एक ब्लॉगर है तो आपको वेबसाइट रैंक में लाने के लिए SEO का कितना महत्व है इसके बारे में पता ही होगा। SEO में efforts लगाना उतना ही इम्पोर्टेन्ट है जितना हम ब्लॉग पर यूनिक कंटेंट लिखते वक्त एफर्ट्स लगते है। इसलिए आज के इस आर्टिकल में मैं आपको SEO के दो इम्पोर्टेन्ट फैक्टर्स के बारे में विस्तार में बताऊंगा जिनका नाम है, White Hat SEO और Black Hat SEO।

एक ब्लॉगर को हमेशा ब्लॉगिंग करते वक्त SEO के बारे में अपडेटेड रहना होता है क्यों की आपकी रैंकिंग सिर्फ व्यूज कितने आते है उसपर डिपेंड नहीं करती बल्कि यह डिपेंड करती है उन फैक्टर्स पर जो गूगल के अल्गोरिथम में शामिल है। इसलिए अगर आप अपने ब्लॉग को रैंक में लाना चाहते है? अपने डोमेन अथॉरिटी को बढ़ाना चाहते है तो आपके लिए SEO को जानना बहोत ही जरुरी हो जाता है।

SEO यानि Search Engine Optimisation यह एक प्रोसेस है जिसमे आपको सर्च इंजन के रूल्स को फॉलो करके हर चीज ब्लॉग आर्टिकल में सही जगह डालनी होती है। क्यों की आप SEO को जाने बिना ही अपने keywords और headings को लिमिट से ज्यादा इन्सर्ट करेंगे, तो गूगल क्रॉलर आपके पोस्ट को as a Black Hat SEO कंसीडर करके आपकी रैंकिंग को सर्च रिजल्ट से डाउन भी कर सकता है।

इससे बचने के लिए White Hat SEO और Black Hat SEO के डिफरेंस को जानना आपके लिए बेहत ही जरूरी हो जाता है, जिससे की आप पोस्ट लिखते वक्त कोई भी गलती ना करे और अपने आर्टिकल में कीवर्ड को सही जगह इन्सर्ट करे।

इन दोनो टर्म्स के बारे में आसान भाषा में कहे तो White मलतब अच्छा और Black मतलब बुरा।

White Hat SEO में अगर आप गूगल सर्च इंजन को अच्छे से समझते हो तो आपका आर्टिकल गूगल के गाइड लाइन्स को फॉलो करके रैंक पर आ जाता है, लेकिन Black Hat SEO यानि dark side of your blog। जिसकी वजह से आपके ब्लॉग की डोमेन अथॉरिटी पर और साथी में आपके ब्लॉग rank पर बुरा प्रभाव पड़ता है। क्यों की यहां जो तरीका अपनाया जाता है वोह गूगल की पॉलिसीज को नहीं मानता, इसलिए ब्लैक हैट और व्हाइट हैट के बारे में जानने से पहले आपको सर्च इंजन कैसे काम करता है इसके बारे में पता होना चाहिए जिससे की आप SEO को और बेहतर समज सको और कोई बड़ी गलती ना करो।

तो चलिए दोस्तों बिना वक्त गवाए हम इन दोनों फैक्टर्स के डिफरेंस को ठीक समझते है और जानते है की White Hat SEO और Black Hat SEO आखिर में है क्या?

Black hat seo and white hat seo

White Hat SEO and Black Hat SEO क्या है

यह दोनों SEO के techniques है जिनमे एक तो आपके ब्लॉग के rank को सुधरता है, तो दूसरा ब्लॉग ranking को डाउन करता है।

White Hat SEO एक ऐसी technique है जिसमे Search engine की guidelines या उनके रूल्स को फॉलो किया जाता है। जिसमे सर्च इंजन कैसे काम करता है यह समझकर आर्टिकल का लीगल SEO किया जाता है और दूसरी तरफ Black Hat SEO जो इसके बिलकुल ही विपरीत है जिसमे SEO को समझकर google page ranking अल्गोरिदम को bypass किया जाता है जिसमें आपका आर्टिकल, सर्च इंजन की पॉलिसी को वॉइलेट करके रैंक में आ जाता है।

दोनों ही टेक्निक्स में आपके आर्टिकल्स सर्च रिजल्ट पर टॉप में दीखते है लेकिन उनमे फर्क इतना ही है की एक में SEO का सही इस्तेमाल किया जाता है और दूसरे में गूगल को काउंटर करके SEO का गलत इस्तेमाल किया जाता है।

अब आप सोच रहे होंगे की White Hat SEO मतलब एक नॉर्मल SEO होता है जो हर कोई बताता है लेकिन Black Hat SEO कैसे किया जाता होगा जिससे की आपकी पोस्ट जल्दी गूगल में रैंक कर जाये।

इसके लिए हमे पहले इसके डिफरेंस को समझना होगा जिससे आप इन दोनों टेक्निक्स को और गेहराई से समझ सको और लास्ट में मैं आपको बताऊंगा की कौनसी technique को कैसे आर्टिकल में इस्तेमाल किया जाता है जिससे की आप सही तकनीक को ब्लॉग के लिए choose कर सको।

1. White Hat SEO 

इस तकनीक में आपको सीधा रास्ता अपनाना होता है जिसमे हर एक आर्टिकल पर कीवर्ड रिसर्च करके अपने जानकारी में सही जगह अप्लाई किया जाता है।

Black Hat की कम जानकारी और सही इनफॉर्मेशन ना होने की वजह से 90% लोग सीधे तरीके से ही अपने आर्टिकल को रैंक करते है, पर मैं आपको बता दू की व्हाइट हैट seo में काफी ज्यादा competition रहता है क्यों की यहाँ गूगल सर्च इंजन की गाइड लाइन्स को ठीक से फॉलो किया जाता है जिसमे गूगल का प्रोग्राम ऑटोमॅटिकली decide करता है की किस आर्टिकल को रैंक में लाना है और किस आर्टिकल की रैंक डाउन करनी है।

सही मायने में कहे तो ज्यादा तर पॉपुलर या फेमस ब्लोग्स इसी technique को फॉलो करते है और On Page SEO को अच्छे से अप्लाई करके अपने ब्लॉग की रैंकिंग को सुधारते है।

यदि आप एक फेमस ब्लॉगर बनाना चाहते है तो मेरी माने तो इसी technique को ही अपनाये। क्यों की आप जितना इसमें efforts लगाओगे उतनी ही जल्दी आपको कामयबी मिल सकेगी।

White Hat SEO में ऑडियंस को जितना टारगेट किया जाता है उतना ही सर्च इंजन को टारगेट किया जाता है। इसमें organic ट्रैफिक जो सर्च रिजल्ट से आती है उसपर ज्यादा महत्व दिया जाता है. इस technique को यूज करके आप लम्बे समय तक अपने ब्लॉग को चला सकते हो और अपनी एक अलग पहचान बना सकते हो।

हालाँकि White Hat SEO में आपको रिजल्ट मिलने में काफी समय लग जाता है और इसकी कोई भी timeline नहीं होती, जैसी की १ महीने में आपको अच्छे व्यूज मिलना स्टार्ट हो जायेंगे। इसमें यदि कोई आपके बाद एक अच्छी पोस्ट लिखके उसका SEO करके पब्लिश कर देता है तो उसका आर्टिकल आपसे पहले सर्च इंजन पर रैंक कर सकता है।

इसलिए हर एक आर्टिकल को पूरा 100% efforts दे के लिखो जिससे कोई भी पहले से पॉपुलर ब्लॉग को आसानी से आप डोमिनेट कर सको।

व्हाइट हॅट SEO कैसे करे 

White Hat technique क्या होता है यह जानने के बाद हम देखेंगे की इसे किस तरह से आर्टिकल में इस्तेमाल किया जाता है।

1. High Quality Article

इस technique में सबसे पहले आपको जो चीज करनी है वोह है Quality content। आपको यहां अपने जानकारी को जो आप लोगो तक पहुंचा रहे हो उसे ज्यादा informative और यूजर फ्रेंडली बनाना होगा जिससे कोई भी पढ़ने वाला व्यक्ति आसानी से आपके लिखे आर्टिकल को पढ़कर समज सके।

यदि आपके आर्टिकल की language सामने वाले को समझ ना आये और उसमे ढेर सारी मिस्टेक्स हो तो आप कितना भी SEO कर लो आपकी पोस्ट कभी भी rank में नहीं आ सकती। क्यों की कंटेंट का सीधा असर आपके ब्लॉग ट्रैफिक पर पड़ता है और उसकी वजह से आपका बाउंस रेट भी बढ़ जाता है, जिससे rank वाली पोस्ट के साथ साथ बाकि आर्टिकल्स की rank भी डाउन हो जाती है।

2.  Keyword Placement 

आप जिस भी टॉपिक पर आर्टिकल लिख रहे हो, उसमे आपको keywords को सही जगह इन्सर्ट करना होगा तभी आपका आर्टिकल उन कीवर्ड्स पर रैंक हो सकेगा।

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जैसे की टाइटल में White Hat SEO कीवर्ड है तो आपको फर्स्ट paragraph में, निचे डिस्क्रिप्शन में और इसके अलावा headings (H1, H2 etc) में भी उसे add करना होगा।

इसके लिए आप मेरे इस आर्टिकल को ही example के तौर पर देख सकते हो।

3. Page Load Time

माना जाता है की आपका आर्टिकल कितना भी अच्छा हो लेकिन अगर आपका पेज कुछ ही सेकंड्स में लोड नहीं हुआ तो पढ़ने वाला इरिटेट होकर दूसरे वेबसाइट पर चला जाता है और इसकी वजह से आपके डोमेन पर लोगो का भरोसा भी कम होने लगता है।

इसलिए अगर आप वर्डप्रेस या कोई भी और प्लॅटफॉर्म यूज कर रहे हो तो इस बात का जरूर खयाल रखे।

Load Time कम करने के लिए अच्छी वेब होस्टिंग कंपनी पर वेबसाइट होस्ट करे और आर्टिकल में इमेज optimization भी करे जिसके की आपका Page Load Time कम हो जाये।

4. Page Title

कोशिश करे की आपके मेन keyword के साथ आपका title भी eye catching लगे जिससे सर्च करने वाले व्यक्ति को टाइटल अट्रैक्टिव लगे और उसे आर्टिकल को पढ़ने का मन हो और वह सर्च रिजल्ट में आपके ही आर्टिकल के लिंक पर क्लिक करे।

5. Meta Description

आर्टिकल में टाइटल का जितना महत्व है उतना ही महत्व सर्च रिजल्ट में दिखने वाले डिस्क्रिप्शन का होता है। अगर आप Yoast SEO का इस्तेमाल कर रहे हो तो आपका मेटा डिस्क्रिप्शन ऑटोमेटिकली add हो जाता है लेकिन ब्लॉगर जैसे प्लॅटफॉर्म पर आपको उसे manually इन्सर्ट करना पड़ता है।

6. Images and Alt tag

जब भी आप कोई आर्टिकल लिखो तो उसमे एक इमेज तो होनी ही चाहिए जिससे आपका आर्टिकल और यूजर फ्रेंडली दिखे।

इसके अलावा गूगल के नई अपडेट की वजह अब इमेज भी SEO का पार्ट बन गया है। इसके लिए आपको featured Image या जो भी आपने इमेज इन्सर्ट की हो उसमे Title और Alt टैग देना ही होगा जिसमें भी आपको कीवर्ड का इस्तेमाल करना होगा।

इससे गूगल क्रॉलर आपके आर्टिकल को स्कैन करते वक्त इमेज के alt tag पर से भी आपके आर्टिकल के टॉपिक को और अच्छे से समझ सकेंगे।

7. Length of Article

quality आर्टिकल के साथ साथ आपको आर्टिकल की लेंथ को भी लंबा करना होगा। आर्टिकल में १००० वर्ड्स से ज्यादा लिखने की कोशिश करे और साथ में यह भी ध्यान रखे की आपको कुछ भी ऐसा add नहीं करना है जिससे पढ़ने वाला बोर होजाये।

आर्टिकल की लेंथ को चेक करने के लिए आप इस टूल का इस्तेमाल करे – Word Counter Tool

8. Build Do-follow and No-follow Backlinks

ये वोह backlinks होती है जो आपके वेबसाइट में से दूसरे वेबसाइट में जाती है या दूसरे वेबसाइट से आपके वेबसाइट पर आती है।

Quality वेबसाइट से backlinks लेने की वजह से आपके ब्लॉग में ट्रैफिक तो आती ही है लेकिन साथ में आपके डोमेन की अथॉरिटी भी बढ़ जाती है जिसकी वजह से आपके आर्टिकल्स जल्दी गूगल पर रैंक होने लगते है।

उम्मीद करता हूँ आपको White Hat technique क्या है और कैसे करनी है इसके बारे में अब पता चल गया होगा। अब हम Black Hat technique के बारे में जान लेते है की इसे ब्लॉगर्स कैसे आर्टिकल को रैंक करने में इस्तेमाल करते है।

2. Black Hat technique 

जैसा की मैंने कहा यह White Hat के बिलकुल विपरीत होता है, इसमें आपको White hat techniques के compare में जलदी रिजल्ट देखने को मिलते है लेकिन जो तरीका अपनाया जाता है वोह गलत होता है।

क्यों की इस तरह के SEO में keyword stuffing, link farming, Hyper links, hidden text का इस्तेमाल किया जाता है जो गूगल के गाइड लाइन्स में शामिल नहीं है। यहां सर्च इंजन के आटोमेटिक प्रोग्राम को forcefully पेज को रैंक करने कहा जाता जाता है जिससे क्रॉलिंग के इस प्रोग्राम को bypass करके आपका आर्टिकल गूगल के फर्स्ट पोजीशन में रैंक करता है।

ज्यादा इफेक्टिव होने की वजह से और गूगल की पॉलिसी को वॉइलट करने की वजह से आप ब्लॉग को रैंक तो कर सकोगे लेकिन गूगल अल्गोरिथम अब और बेहतर हो गया और वोह अब आपकी चाल को और अच्छेसे समझने लगा है। हलाकि यह प्रोसेस ऑटोमेटिकली होती है लेकिन आजतक कोई ऐसा नहीं है जो गूगल के अल्गोरिथम को समझ पाया है इसके इस्तेमाल से आपका ब्लॉग permanently गूगल सर्च से ब्लॉक भी हो सकता है।

Black hat techniques कैसे वर्क करती है इसे जानने के लिए आप ब्लॉगर जैसे प्लेटफार्म पर fake ब्लॉग भी बना सकते और इससे यदि अकाउंट ब्लॉक भी हो गया तो भी आपको कोई नुकसान नहीं होगा।

ब्लैक हॅट SEO कैसे करे

इस SEO को कैसे करना है यह जानने से पहले मैं आपको बता दूँ की यह गूगल के रूल्स फॉलो नहीं करता है और इससे आपको तुरंत रिजल्ट तो मिलता है लेकिन समय के साथ आपके ब्लॉग पर इसका बुरा असर भी होता है। इसलिए मैं आपको इसे यूज करने की सलाह बिलकुल भी नहीं दूंगा।

1. Hidden Words  

ऐसे कीवर्ड्स का इस्तेमाल करना जो यूजर को पढ़ते वक्त दिखाई नहीं देते. इसे हम एक तरह की keyword stuffing भी बोल सकते लेकिन दिखाई न देने की वजह से यह आपके पोस्ट यूजर फ्रेंडली तो बनता ही है बल्कि यह आपके आर्टिकल को रैंक करने में भी ज्यादा समय नहीं लगाता।

इसका इस्तेमाल करने वाले लोग keywords को white कलर दे देते है और ऐसा करते वक्त वह ये भी ध्यान रखते है किस keyword को कौनसी जगह इन्सर्ट करना है।

ऐसे लोग बड़े ही स्मार्ट होते है लेकिन गूगल के एडवांस प्रोग्राम के चलते उनका स्मार्टनेस काम नहीं कर पता और वो अपनी ब्लॉग को हमेशा के लिए खो देते है।

गूगल के क्रॉलर्स या spyders ऐसे Hidden words को आसानी से ढूंढ सकते है और यदि ऐसा कुछ मिल जाये तो आपके आर्टिकल को ब्लॉक करना उनके बाये हात का खेल होता है।

2. Keyword stuffing

इसका मतलब होता है की आर्टिकल लिखते वक्त कीवर्ड को हर जगह forcefully भरना। आसान भाषा में कहे तो अगर 3 लाइन का paragraph है तो उसमे अपने कीवर्ड को 5-6 बार यूज करना जिससे keywords के चलते आपकी पोस्ट जल्दी रैंक हो जाये।

Keyword stuffing का उदाहरण-

यदि आप एक इयरफोन को ढूंढ रहे है तो आपको इयरफोन किसी भी दुकान में मिल जायेगा जिससे आपको इयरफोन लेने में कोई परेशानी न उठानी पड़े और आप इयरफोन को जल्दी ढूंढ सके. 

पहले के ज़माने में जब गूगल नया नया मार्केट में आया था तब सभी SEO experts इस technique को यूज करके ब्लॉग को रैंक करते थे लेकिन अब ऐसी चीजे करने वाले ब्लॉग्स को गूगल penalize कर रहा है और उनके आर्टिकल्स सर्च रिजल्ट्स से ब्लॉक कर रहा है।

इसलिए कंटेंट को हमेशा यूनिक रखो और इसके अलावा keyword density पर भी ध्यान दो। जैसे की 1000 words के आर्टिकल में आप 15 से 20 बार ही कीवर्ड का इस्तेमाल करो न उससे कम ना उससे ज्यादा।

Keyword Density Formula – (1.5 or 2) x article words length (i,e 1000) / 100 = 20 Keywords in 1000 words of article.

Ideal Density by Experts – 1 to 2%

3. Cloaking

यह एक ऐसी technique है जिसमे यूजर को दिखाई देने वाली कंटेंट और गूगल के क्रॉलर को दिखाने वाली कंटेंट अलग अलग होती है।

Spam या miss-guided कंटेंट वाली वेबसाइट क्लॉकिंग का ज्यादातर इस्तेमाल करती है, इससे आपका ब्लॉग permanently गूगल सर्च इंजन से globally ब्लॉक हो सकता है और यदि आपकी उससे अच्छी earning हो रही हो तो आपका काफी बड़ा नुकसान भी हो सकता है।

इसलिए अगर आप लम्बे समय तक ब्लॉग्गिंग को एक करियर के रूप में देख रहे हो तो ऐसी चीजों से दूर रहोगे तो बेहतर होगा।

4. Spinning Articles

किसी पॉपुलर ब्लॉग के आर्टिकल को कॉपी करके अपने ब्लॉग में उसे plugin या वेबसाइट की मदद से re-write करने को ही Spinning Articles कहते है।

Spinning Article का उदाहरण-

Spinning Article - Black Hat SEO

Spinning Article को क्यों यूज ना करे-

  • Content की quality कम होती है क्यों की यहां आटोमेटिक टूल का इस्तेमाल किया जाता है.
  • सही वर्ड अपनी जगह पे ना होने के कारण पढ़ने वालों को कुछ चीजे समज नहीं आती जिसकी वजह से आपके रेगुलर Visitors कम हो जाते है और इससे आपकी Earning पर भी बुरा प्रभाव पड़ता है.
  •  ऐसा टूल इम्पोर्टेन्ट keywords को टेक्स्ट से हटा देते है जिसकी वजह से आपका आर्टिकल उन कीवर्ड्स पर सर्च रिजल्ट में rank नहीं हो पाता.

5. Image Alt Tag

इसका मतलब यह है की एक ही इमेज के alt tag में आपके कीवर्ड का दो-तीन बार इस्तेमाल करना। यह SEO का एक negative साइड माना जाता है जिससे आपकी रैंक वाली पोस्ट भी इसके चलते डाउन हो सकती है.

इसलिए यदि आप इमेज को आर्टिकल में इन्सर्ट करना चाहते है तो keyword का इमेज में एक ही बार इस्तेमाल करे जिससे गूगल सर्च इंजन आपके इमेज के alt टैग से, आपके आर्टिकल के टॉपिक को अच्छे से समज सके.

6. Link Farming

इस technique में वेबसाइट चलाने वाला खुद ही 50-100 वेबसाइट अलग अलग सर्वर पर बनाता है और उन websites को मेन वेबसाइट से Indirectly जोड़ता है. इसके अलावा वेबसाइट का ओनर paid सर्विस को भी खरीदता है जिससे वो High Domain Authority वाली साइट पर अपने वेबसाइट का लिंक डाल सके.

आपको ऐसा लग रहा होगा की इससे बैकलिंक्स तो काफी बढ़ जाएगी और आपका ब्लॉग जल्दी रैंक पर आ जाएगा, तो आप बिलकुल सही सोच रहे हो. Link Farming का इस्तेमाल ज्यादातर इस्तेमाल paid traffic देने वाली सर्विसेस करती है और इसके लिए वो लाखो करोडो रुपये भी लेती है. जहा वो आपके पैसो से अलग अलग सर्वर और डोमेन को खरीद कर प्रोफेशनल websites बनाती है और उसमे आपकी वेबसाइट का लिंक डाल देती है.

यह काफी इफेक्टिव तरीका है लेकिन गूगल इसे Black Hat की तरह ही देखता है और आपके ब्लॉग को penalize कर देता है. हलाकि इसका इस्तेमाल करना काफी सेफ माना जाता है क्यों की ऐसे Paid service वाली companies की काफी पहचान होती है और उनके पास SEO experts होते है जो high डोमेन अथॉरिटी वाले साइट पर ही आपके वेबसाइट की लिंक डालते है जिससे आपके डोमेन की अथॉरिटी बढ़ सके और इससे गूगल को भी कुछ पता नहीं चलता।

तो अगर आपके पास पैसा है तो आप इसका इस्तेमाल कर सकते हो और यदि नहीं तो जैसा चल रहा है वैसा चलने दो इससे आपके ब्लॉग पर तो कोई बुरा इफ़ेक्ट नहीं पड़ेगा।

7. Doorway Pages

इसमें ब्लॉग में low quality pages पब्लिश किये जाते है, जिसका ब्लॉग के Niche या टॉपिक से कोई मतलब नहीं होता। ऐसे आर्टिकल में keyword stuffing और Hidden keywords का काफी ज्यादा इस्तेमाल किया जाता है और उस पेज को multiple keywords पे rank करके दूसरे high quality वाले आर्टिकल्स में लिंक किया जाता है.

इससे आपकी traffic क्वालिटी आर्टिकल्स पर डाइवर्ट हो जाती है जिससे सभी पेजेस keyword पर rank करने लगते है. और ऐसा एक पेज नहीं बल्कि कही सारे पेजेस तैयार किये जाते है और उस पेज में सही जगह Internal लिंकिंग भी की जाती है जिससे आपके ब्लॉग पर traffic increase हो.

8. Social Network Traffic और Spam Traffic

जब भी हम नया ब्लॉग बनाते है और आर्टिकल्स लिखते है तब उसे सोशल मीडिया पर जरूर शेयर करते है. इसके लिए ज्यादा तर फेसबुक का इस्तेमाल किया जाता है जहा Link Exchange करने के लिए हम दूसरे लोगो से कहते है.

इससे आपके पेज पर व्यूज तो बढ़ जाते है लेकिन विजिट करने वाला व्यक्ति कितनी देर तक आपके पेज को पढ़ता है यह भी SEO में डिपेंड करता है. अगर लिंक्स एक्सचेंज करने वाले लोग विजिट करने के बाद तुरंत ही back हो जाये तो गूगल इस नकारात्मक तरीके से देखता है और उसके प्रोग्राम को यही लगता है की इस आर्टिकल में कोई भी चीज quality की नहीं है इसलिए लोग इसे पढ़कर तुरंत back जा रहे है.

इसकी वजह से आपकी रैंक तो बढ़ नहीं पाती और फेसबुक जैसे सोशल मीडिया वेबसाइट भी उसे स्पैम लिंक समझकर permantly ब्लॉक कर देते है। इस वजह से आपके पेज पर व्यूज तो हजारो आते है लेकिन आर्टिकल गूगल पर रैंक नहीं हो पाता।

इसलिए अगर आप ब्लॉग को seriously चलाना चाहते है तो लिंक्स एक्सचेंज और स्पैम ट्रैफिक से दूर ही रहे तो बेहतर होगा।

ऐसे कही सारे तरीके है जिसे आप यूज करके White Hat और Black Hat SEO आर्टिकल कर सकते हो. और इसे पढ़ने से आपको यह तो समझमें आगया होगा की शॉर्ट कट से अच्छा आप मेहनत करके ब्लॉग को रन करोगे तो सक्सेस मिलने से आपको कोई नहीं रोक पायेगा।

अगर आपको यह आर्टिकल पसंद आया हो इस अपने दोस्तों के साथ जरूर शेयर करे और यदि आप सोशल मीडिया से जुड़े हुए है तो बाकि लोगो तक इस ब्लॉगिंग SEO technique को पहुंचाइये जिससे उनका ब्लॉगिंग करियर, शुरुवात में ही दम ना तोड़ दे. 

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