White Hat SEO क्या है? 21 Best Techniques in 2021

White Hat SEO in Hindi

वेबसाइट को रैंक में लाने के लिए SEO का कितना महत्व है इसके बारे में तो आपको पता ही होगा। हमेशा ही ब्लॉगिंग में एसईओ को टॉप प्रायोरिटी दी जाती है और उसीके चलते लोग अपने आर्टिकल को सर्च रिजल्ट पर रैंक करने में भी सफल हो जाते है. SEO में efforts लगाना उतना ही इम्पोर्टेन्ट होता है जितना हम ब्लॉग पर यूनिक कंटेंट लिखते वक्त करते है। एसईओ ठीक से ना करने की वजह से मेहनत करने पर भी आप सर्च रिजल्ट पर अपने आर्टिकल को rank नहीं कर पाते, इसी वजह से आज के इस आर्टिकल के बारे में मैंने SEO के महत्वपूर्ण फैक्टर्स में से एक White Hat SEO के बारे बताया है जिसकी मदद से आप कम समय मे ही अपने ब्लॉग को rank मे ला सकते हैं.

ब्लॉगिंग करते वक्त SEO के बारे में अपडेटेड रहना ही असली ब्लॉगर के सक्सेस की key होती है. क्यों की आपकी रैंकिंग सिर्फ व्यूज कितने आते है उसपर डिपेंड नहीं करती बल्कि यह डिपेंड करती है उन फैक्टर्स पर जो गूगल के सर्च अल्गोरिथम में मौजूद होते है, जिसकी वजह से हम एसईओ को अच्छे से समझकर अपने ब्लॉग को रैंक कर लेते है। इसलिए अगर आप भी बाकि ब्लॉगर्स की तरह आपके ब्लॉग को रैंक में लाना चाहते है और अपने डोमेन अथॉरिटी को बढ़ाना चाहते है तो आपके लिए SEO को जानना बहोत ही जरुरी हो जाता है।

Note: Tips are applied for both WordPress and Blogspot users.

सबसे पहले जान लेते है की SEO क्या होता है जिससे आप White Hat SEO को और बेहतर समझ पाएंगे।

White Hat SEO in Hindi

SEO क्या है?

SEO यानी (Search Engine Optimisation) एक प्रोसेस होती है जिसमे आपको सर्च इंजन के रूल्स और रेगुलेशंस को फॉलो करके हर एक चीज जैसे कीवर्ड्स, tags, images, keyphrases को आपके ब्लॉग आर्टिकल में सही जगह डालना होता है। क्यों की यदि आप SEO को जाने बिना ही keywords और headings को लिमिट से ज्यादा इन्सर्ट करोगे, या सही जगह प्लेस नहीं करोगे, तो गूगल क्रॉलर आपके पोस्ट को as a Black Hat SEO कंसीडर करके आपकी रैंकिंग को सर्च रिजल्ट से डाउन कर देता है।

इससे बचने के लिए आपको White Hat SEO को ठीक से समझना होगा जिससे की आप पोस्ट लिखते वक्त कोई भी गलती ना करे और अपने आर्टिकल में कीवर्ड को सही जगह इन्सर्ट करे।

SEO का सीधा संबन्ध गूगल सर्च इंजन से होता है क्यों की वही decide करता है की किस पोस्ट को फर्स्ट पोजीशन पर लाना है और किस page की रैंक को सर्च रिजल्ट से डाउन करना है. यदि आप सर्च इंजन के रूल्स को ठीक से फॉलो करके अपने आर्टिकल में SEO करते हो तो कुछ ही समय में आपकी पोस्ट रैंक में दिखने लगती है.

White Hat SEO techniques में अगर आप गूगल सर्च इंजन को अच्छे से समझते हो तो आपका आर्टिकल गूगल के गाइड लाइन्स को फॉलो करके फर्स्ट पोजीशन पर आ जाता है, लेकिन यदि कुछ गलती करके या शॉर्ट कट तरीके से Black Hat SEO का यूज करते हो, तो आपके ब्लॉग की डोमेन अथॉरिटी पर और साथी में आपके ब्लॉग पर भी उसका बुरा प्रभाव पड़ता है।

Black Hat में जो तरीका अपनाया जाता है वोह गूगल की पॉलिसीज के किसी भी रूल्स को फॉलो नहीं करता, इसलिए ब्लैक हैट और व्हाइट हैट, इस दोनों के डिफरेंस के बारे में आपको जानना चाहिए जिससे शुरुवात में ही आप गलती करके निराश ना हो जाये.

ब्लॉग को rank मे लाने के लिए सबसे पहले आपको सर्च इंजन कैसे काम करता है, इसके साथ SEO और उनके फैक्टर्स के बारे में भी पता होना चाहिए जिससे की आप SEO को और बेहतर तरीके से समज सको और ब्लॉगिंग क्षेत्र में आगे जाके अपना नाम कमा सको।

तो चलिए दोस्तों बिना वक्त गवाए हम इन दोनों फैक्टर्स के डिफरेंस को सबसे पहले समझते है और जानते है की White Hat SEO और Black Hat SEO आखिर में क्या होता है? उसके बाद हम व्हाइट हैट एसईओ क्या होता है और उसे कैसे करना है इसके best tips के बारे में भी जानेंगे, लेकिन पहले हम इसके डिफरेंस को समझ लेते है.

White Hat SEO and Black Hat SEO क्या है

यह दोनों ही SEO के techniques है जिनमे एक तो आपके ब्लॉग के ranking को सुधारता है, तो दूसरा ब्लॉग ranking को search results से निचे ढकेलता है।

White Hat SEO– व्हाइट हॅट एसईओ एक ऐसी technique है जिसमे Search engine की guidelines या उनके सर्च प्रोग्राम के रूल्स को फॉलो किया जाता है। जिसमे सर्च इंजन कैसे काम करता है यह समझकर आर्टिकल का लीगल SEO किया जाता है.

आसान भाषा में कहे तो इसमें आपको आर्टिकल का SEO करके गूगल के भरोसे अपने पोस्ट को पब्लिश कर देना होता है.

Black Hat SEO– दूसरी तरफ ब्लॅक हॅट एसईओ एक ऐसी technique है जो इसके बिलकुल ही apposite है. इसमें SEO को समझकर google page ranking अल्गोरिदम को bypass किया जाता है जिसमें आपका आर्टिकल, सर्च इंजन के पॉलिसीज को वॉइलेट करके बहोत ही कम समय में रैंक में आ जाता है।

इन दोनों ही टेक्निक्स में आपके आर्टिकल्स सर्च रिजल्ट पर टॉप में दीखने लगते है लेकिन उनमे फर्क इतना ही है की एक में SEO का सही इस्तेमाल किया जाता है और दूसरे में गूगल के सर्च प्रोग्राम को काउंटर करके SEO का गलत इस्तेमाल किया जाता है।

इसे जरूर पढ़े-

White Hat SEO क्या है

इस तकनीक में आपको ऑनेस्ट यानी सीधा तरीका अपनाना होता है जिसमे हर एक आर्टिकल पर अच्छे से कीवर्ड रिसर्च करके दूसरे आर्टिकल के SEO को समझके अपने आर्टिकल में सही जगह अप्लाई किया जाता है।

आपको यह जानकर हैरानी होगी की ज्यादा तर पॉपुलर या फेमस ब्लॉग्स इसी technique को फॉलो करते है और On Page SEO को आर्टिकल में अप्लाई करके अपने ब्लॉग की रैंकिंग को टॉप में ले आते है।

यदि आप भी आगे जाके एक फेमस ब्लॉगर बनाना चाहते है तो आपको भी इसी technique को अपनाना होगा। क्यों की आप जितना इसमें efforts लगाओगे उतनी ही जल्दी आपको कामयबी मिल सकेगी।

इस बात को हमेशा याद रखे:

सफलता अंत नहीं है , असफलता घातक नहीं है
लगे रहने का साहस ही मायने रखता है.
_Winston Churchill

White Hat SEO में ऑडियंस को जितना टारगेट किया जाता है उतना ही सर्च इंजन को भी टारगेट किया जाता है। इसमें organic ट्रैफिक पर ज्यादा महत्व दिया जाता है.

इस technique को यूज करके आप लम्बे समय तक अपने ब्लॉग को चला सकते हो और इंटरनेट पर अपनी एक अलग पहचान बना सकते हो।

हालाँकि White Hat SEO में आपको रिजल्ट मिलने में काफी समय लग जाता है, किसी को १ साल, किसी को २ साल, तो किसी को ३ साल और इसकी कोई timeline भी नहीं होती, जैसी की १ महीने में आपको अच्छे व्यूज मिलना स्टार्ट हो जायेंगे। इसमें बस अच्छी बात यह है की यदि आप मेहनत करते हो, बहोत efforts लगते हो तो कभी ना कभी आपको कामयाबी मिल ही जाती है और आपके ब्लॉग को भी ऐसा एसईओ करने से आगे जाके कोई नुकसान नहीं होता।

इसलिए हर एक आर्टिकल में पूरा 100% efforts दे के पब्लिश करे जिससे किसी भी पहले से फेमस ब्लॉग को आप आसानी से आप डोमिनेट कर सके.

White Hat SEO कैसे करे (20 Proven Tips)

White Hat technique क्या होता है यह जानने के बाद अब मैं आपको इसे कैसे करना है इसकी बेस्ट स्ट्रेटेजीज के बारे में बताऊंगा जिसके बाद आप भी अपने ब्लॉग को आसानी से गूगल सर्च पर रैंक कर पाएंगे।

1. Write High Quality Articles

आपने इस ब्लॉग पर आने से पहले कही पढ़ा होगा की Content is King, Content is King. तो यहां पर भी मैं इस बात को झुटलाउंगा नहीं, क्यों मेरे हिसाब से भी कंटेंट आपके ब्लॉग में सचमे मायने रखता है और इसी के वजह से यह किंग कहलाता है.

इस technique में सबसे पहले आपको जो चीज करनी है वोह है लोगो तक आपके Quality content को पहुँचाना।

क्यों की आपको यहां ये समझना होगा की यहां पर आप अपने आर्टिकल के जरिये जानकारी को लोगो तक पहुंचा रहे हो और यदि उनको वो जानकारी पसंद नहीं आयी, या आपने उन्हें शुरुवात में ही बोर कर दिया तो वोह लोग दूसरे ब्लॉग पर चले जायेंगे। इसलिए आपको आर्टिकल को ज्यादा informative और यूजर फ्रेंडली बनाना होगा जिससे कोई भी पढ़ने वाला व्यक्ति आसानी से आपके लिखे आर्टिकल को पढ़कर समज सके और पढ़ते वक्त उसे ये ना लगे इसमे कुछ भी हेल्पफुल जानकारी नहीं हैं.

इसके अलावा यदि आपके आर्टिकल की language सामने वाले को समझ ना आये और उसमे ढेर सारी मिस्टेक्स हो तो आप कितना भी SEO कर लो आपकी पोस्ट कभी भी rank में नहीं आ सकती। क्यों की कंटेंट का सीधा असर आपके ब्लॉग के ट्रैफिक पर पड़ता है और उसकी वजह से आपका बाउंस रेट भी बढ़ जाता है, जिससे rank वाली पोस्ट के साथ साथ बाकि आर्टिकल्स की rank भी डाउन हो जाती है।

Quality Articles Tips:

  • किसी भी आर्टिकल में ज्यादा लिखने की कोशिश करे लेकिन इस बात का भी ध्यान रखे की पढ़ने वाला बोर ना हो.
  • आर्टिकल्स को छोटे छोटे पैराग्राफ में डिवाइड करे
  • इम्पोर्टेन्ट कीवर्ड्स या वाक्य को हाईलाइट करे
  • Heading टैग्स का सही जगह इस्तेमाल करे
  • hyperlinks को सही जगह प्लेस करे जिससे दूसरे आर्टिकल पर भी ट्रैफिक आये.

2.  Keyword Placement in Article 

आप जिस भी टॉपिक पर आर्टिकल लिख रहे हो, उसमे आपको keywords को सही frequency के साथ सही जगह इन्सर्ट करना होगा तभी आपका आर्टिकल उन कीवर्ड्स पर रैंक हो सकेगा।

यदि आपका आर्टिकल 1000 वर्ड्स का हैं तो उस keyword को आपको 20 बार यूज करना होगा.

Keyword density formula-

article length (ex 1000 words) x 1 to 2% / 100 = 20 keywords in 1000 words of article

Best Free Keyword Research Tool – https://ahrefs.com/keyword-generator

Keyword Insertion Tips:

उदाहरण के लिए यदि आपका कीवर्ड White Hat SEO है तो,

  • टाइटल में White Hat SEO कीवर्ड को ऐड करे
  • फिर फर्स्ट paragraph में भी उसे इन्सर्ट करे
  • निचे डिस्क्रिप्शन में और इसके अलावा headings (H1, H2 etc) में भी उसे आपको add करना होगा।
  • सभी headings मे keyword को इस्तेमाल नहीं करना है (Only 2-3 main headings)
  • ५०% से ज्यादा डिस्क्रिप्शन में कीवर्ड को सही जगह इन्सर्ट करना है.
  • इसके लिए ऊपर दी गयी डेंसिटी को चेक करे उसके लिए वर्ड काउंटर टूल मे आर्टिकल की length को चेक करके फ़ीर उसे फार्मूला मे अप्लाई करें.

इसके लिए आप मेरे इस आर्टिकल को ही example के तौर पर देख सकते हो।

3. Blog Page Load Time

आपने अपना आर्टिकल कितना भी अच्छा लिखा हो और उसमे सभी चीजे सही जगह पर डाली हो, लेकिन अगर आपका पेज (वेबसाइट पेज) कुछ ही सेकंड्स में लोड नहीं हुआ तो पढ़ने वाला इरिटेट होकर दूसरे वेबसाइट पर चला जाता है और इसकी वजह से आपके डोमेन पर लोगो का भरोसा भी कम होने लगता है। क्यों की उन्हें लगता है की यह ब्लॉग तो ठीक से लोड नहीं होता तो इस वेबसाइट पर टाइम क्यों वेस्ट करना, यह सोचकर वे दूसरी वेबसाइट पर जाकर जानकारी को पढ़ लेते है.

इससे ट्रैफिक तो कम आती है, इस अलावा आपके आर्टिकल की रैंकिंग भी निचे चली जाती है. इसलिए अगर आप वर्डप्रेस या कोई भी और प्लॅटफॉर्म यूज कर रहे हो तो इस बात का जरूर खयाल रखे।

Load Time कम करने के टिप्स:

  • अच्छी वेब होस्टिंग कंपनी पर वेबसाइट होस्ट करे
  • आर्टिकल में इमेजेस optimization भी करे (इमेज कम्प्रेशन के लिए tinypng.com का इस्तेमाल कर सकते है)
  • Cache plugin का इस्तेमाल करे (Personally recommended WP Rocket)
  • ब्लॉगर यूज कर रहे हो तो cache प्लगइन की जरूरत नहीं होती गूगल ऑटोमेटिकली उसे कर लेता हैं.
  • GTmetrix में हमेशा लोड टाइम चेक करे और errors को भी ठीक करे.
  • इमेज optimization के लिए मैं आपको WP Smush plugin को रिकमेंड करूँगा

4. Page Title

आपको लग रहा होगा की टाइटल को अपने मन से कैसे भी लिखूंगा तो चलेगा जिससे वोह ज्यादा eye catching लगे तो भाई ऐसा नहीं होता। क्यों की SEO करते वक्त आपको eye catching टाइटल के साथ साथ कीवर्ड का भी ध्यान रखना होता है.

उदाहरण के लिए,

मेरा टाइटल- White Hat SEO क्या है? 20 Best Tips to Rank #1 in 2020 ()

आपका टाइटल- व्हाइट हैट seo क्या है और इससे ब्लॉग की रैंकिंग को नंबर १ में कैसे लाये(X)

इसलिए कोशिश करे की आपके मेन keyword के साथ आपका title भी दिखने मे अच्छा लगे जिससे सर्च करने वाले व्यक्ति को टाइटल अट्रैक्टिव लगे और उसे आर्टिकल को पढ़ने का मन हो और वह सर्च रिजल्ट में आपके ही पेज लिंक पर क्लिक करे।

Page Title Tips:

  • हमेशा ही कीवर्ड को फर्स्ट पोजीशन में लगाए
  • लेंथ 55 वर्ड से ज्यादा ना हो
  • Title पढ़ने में confusing ना हो, उसे हमेशा सिंपल and स्वीट रखे.
  • इसे कैसे करना है यह दूसरे ब्लॉग्स से सींखे

5. Meta Description

आर्टिकल में टाइटल का जितना महत्व है उतना ही महत्व सर्च रिजल्ट में दिखने वाले meta डिस्क्रिप्शन का होता है। अगर आप WordPress में Yoast SEO का इस्तेमाल कर रहे हो तो आपका मेटा डिस्क्रिप्शन ऑटोमेटिकली add हो जाता है लेकिन ब्लॉगर जैसे प्लॅटफॉर्म पर आपको उसे manually इन्सर्ट करना पड़ता है।

मेटा डिस्क्रिप्शन की लेंथ की SEO में मॅटर करती है इसलिए उसे बड़े पैराग्राफ जितना लम्बा ना लिखे।

इसके अलावा सर्च करने वाले को आपके आर्टिकल के अंदर क्या होगा यह आपके सटीक Summary से ही पता लगना चाहिए जिससे वोह आपके आर्टिकल के लिंक पर क्लिक करे.

Meta Description Tips:

  • मेटा डिस्क्रिप्शन में कीवर्ड का इस्तेमाल करे
  • डिस्क्रिप्शन की लेंथ 155–160 वर्ड से ज्यादा ना हो. (Word counter tool का इस्तेमाल कर सकते हैं)
  • मेटा डिस्क्रिप्शन एंगेजिंग और eye catching होना जरूरी है.

6. Images and Alt tag

ब्लॉग लिखते वक्त इमेज को ऐड करना और उसका SEO करना भी जरुरी होता है इसलिए हमेशा ही आर्टिकल में एक इमेज को तो जरूर इन्सर्ट करे जिससे आपका आर्टिकल और यूजर फ्रेंडली दिखे।

गूगल के नई अपडेट की वजह से अब इमेजेस भी SEO का पार्ट बन गया है। इसके लिए आपको featured Image या जो भी इमेज आपने इन्सर्ट की हैं उसमे Title और Alt टैग को देना ही होगा, जिसमें भी आपको कीवर्ड का इस्तेमाल करना होगा।

यह पढ़ने पर आपको ये तो समझ में आ रहा होगा की रैंकिंग के लिए कीवर्ड कितना जरूरी होता है.

इमेज होने की वजह से गूगल क्रॉलर आपके आर्टिकल को स्कैन करते वक्त इमेज के alt tag पर से आपके आर्टिकल के टॉपिक को और अच्छे से समझ लेता है और उसे एनालिसिस करके उस कीवर्ड पर आपके पेज को रैंक करवाता है।

Images and Alt tag Tips:

  • इमेज इन्सर्ट करने से पहले उसे कंप्रेस जरूर करे
  • इमेज में alt और title टैग देने का ऑप्शन ब्लॉगर और वर्डप्रेस दोनों में होता है इसलिए भूल कर भी इन टैग को डालना स्किप ना करे.
  • alt टैग में आपके कीवर्ड को इन्सर्ट करना ना भूले।
  • मानलो आपके पास 10 इमेजेस है तो सभी में कीवर्ड का इस्तेमाल ना करे नहीं तो यह Black Hat SEO कहलायेगा, इसके लिए आप 50% का रेश्यो इसमें रख सकते है.

7. Length of Article

क्वालिटी आर्टिकल के साथ साथ आपको आर्टिकल की लेंथ को भी बढ़ाना होगा। इसलिए आर्टिकल में १००० वर्ड्स से ज्यादा लिखने की कोशिश करे और साथ में यह भी ध्यान रखे की आपको कुछ भी ऐसा add नहीं करना है जिससे पढ़ने वाला बोर हो जाये। मतलब की लिखते वक्त एक ही फ्लो में रहे कही भटक ना जाये। क्यों की इसका सीधा असर आर्टिकल में भी पढ़ने वाले को देखने को मिलता है.

Length of Article Tips:

  • आपको जो भी लिखना हो, इसमें हमेशा याद रखे की लेंथ में आपको कोम्प्रोमाईज़ नहीं करना है.
  • हमेशा ही 1000 वर्ड्स से ज्यादा लिखने की कोशिश करे
  • लेंथ को बढ़ाइए का मतलब यह नहीं की किसी भी दूसरे टॉपिक को आप आपके मेन आर्टिकल में ऐड करोगे। इसलिए इस बात का खास ध्यान रखे.
  • ब्लॉगिंग करते वक्त आपके Ego को बिच में लाये क्यों की आप यह कहोगे की मैं दिखाता हूँ सबको की कम लिखने पर भी कैसे रैंक बढ़ाते है. तो इसमें कोई शक नहीं की आपकी पोस्ट रैंक में आ जायेगी लेकिन उसमे आपको ट्रैफिक और success मिलेंगी इसकी तो मैं गारंटी नहीं दे सकता।

8. Build Do-follow and No-follow Backlinks

ये वोह backlinks होती है जो आपके वेबसाइट में से दूसरे वेबसाइट में जाती है या दूसरे वेबसाइट से आपके वेबसाइट पर आती है।

Quality वेबसाइट से backlinks लेने की वजह से आपके ब्लॉग में ट्रैफिक तो आती ही है, इसके साथ साथ आपके डोमेन की अथॉरिटी भी बढ़ जाती है जिसकी वजह से आपके आर्टिकल्स जल्दी गूगल पर रैंक होने लगते है।

Do-follow- कोई भी ब्लॉगर हमेशा ही do-follow बैकलिंक्स को बढ़ाने के पीछे रहता है क्यों की यदि किसी दूसरी वेबसाइट से आपके वेबसाइट में लिंक आ रही है और वो वेबसाइट आपकी वेबसाइट से ज्यादा बेहतर है, उसकी रैंकिंग भी अच्छी है तो सर्च इंजन इस प्रकार की लिंक वैल्यू देता है. मतलब की जितनी क्वालिटी बैकलिंक्स होगी, उतना ही अच्छा बेनिफिट आपको मिलेगा।

No-follow- इस तरह की बैकलिंक का इतना ज्यादा प्रभाव आपके वेबसाइट पर नहीं पड़ता क्यों यह नो-फॉलो होती है और इसकी वजह से क्रॉलर दूसरे वेबसाइट को स्कैन करते वक्त इस लिंक को स्किप कर देता है और इससे आपके ब्लॉग को कोई वैल्यू नहीं मिल पाती। मतलब की इस तरह की बैकलिंक्स सिर्फ ट्रैफिक बढ़ाने के काम आती है.

Do-follow and No-follow Backlinks Tips:

  • क्वालिटी और high ranking वाली websites से ही बैकलिंक लेने की कोशिश करें
  • आर्टिकल लिखते वक्त कम से कम एक external लिंक को पोस्ट के अंदर जरुर इन्सर्ट करें और उसे do-follow ही रखे.
  • Do-follow backlinks लेने के लिए आप medium या article submission websites की मदद ले सकते हैं.

9. Focus Mobile First

ब्लॉग लिखते वक्त आपको अपने आर्टिकल को आपको मोबाइल friendly बनाना होगा. क्यों की टार्गेटेड यूजर कही से भी हो सकते हैं और यदि आप डेस्कटॉप friendly ही थीम रखोगे,  जिससे आपके articles सिर्फ डेस्कटॉप मे अच्छे दिखेंगे तो इसका सीधा असर आपके earning पर हो सकता हैं. इसलिए ब्लॉग बनाने से पहले ही इन बातो का भी ध्यान रखे.

और अब पहले जैसा जमाना नहीं रहा, अब Google के सर्च का ज्यादा ट्रैफिक पहले पर मोबाइल जा रहा है और फिर बादमे डेस्कटॉप पर. इसलिए यदि आपके पास मोबाइल-फ्रेंडली पेज नहीं है, तो आप संभवतः SERPs (search result page) पर आप अपने ranking को खो सकते हैं.

Mobile Friendly Tips:

  •  Premium theme को ही यूज करें
  • आर्टिकल लिखने के बाद उसे आप अपने मोबाइल पर चेक जरूर करें.
  • Color combination को user readable रखे.
  • आप जिस भी प्लॅटफॉर्म का यूज कर रहे हैं, उस प्लॅटफॉर्म के सभी फीचर्स को पहले समझें और फिर ब्लॉग बनाइये जिससे आपको बादमे ऐसा ना लगे की आपने इसे क्यों  choose किया.
  • थीम या template को बार बार change ना करते रहे.

10. Link Building

Internal linking is key of success..

यह एक ऐसी स्ट्रेटेजी जिसमे हमें हर एक आर्टिकल मे उससे related दूसरे आर्टिकल्स की लिंक्स को सही जगह डालना होता हैं, जिससे आपके टार्गेटेड पेज के साथ साथ बाकि पेजेस के भी views बढ़े.

सामान्य शब्दों मे कहे तो एक पेज मे दूसरे पेज की लिंक डालने को ही SEO की भाषा मे link building कहते हैं.

इस तरह की लिंक इंटरनल लिंक होती हैं और उससे सिर्फ आपके वेबसाइट को ही फायदा पहुँचता हैं.

Link building Tips:

  • Internal linking करते वक्त relevant आर्टिकल की लिंक को ही add करें
  • इस तरह की लिंक do-follow होती हैं क्यों की यह आपके वेबसाइट के पेजेज को ही लिंक करती हैं

यह एक इंटर्नल लिंक हैं-

उम्मीद करता हूँ आपको White Hat technique क्या है और कैसे करनी है इसके best tips के बारे में आपकोत चल गया होगा।

यहां मैंने उन सभी जरुरी पॉइंट्स को add किया हैं जिससे आप अपने ब्लॉग का SEO कर सकते हैं.

यदि आप भी इन SEO techniques को फॉलो करेंगे तो आप भी मेरी तरह कम समय मे ही अपने ब्लॉग को rank मे ला सकते हैं.

अगर आपको यह आर्टिकल पसंद आया हो इस अपने दोस्तों के साथ जरूर शेयर करे और यदि आप सोशल मीडिया से जुड़े हुए है तो बाकि लोगो तक भी इस ब्लॉगिंग White Hat SEO technique को पहुंचाइये जिससे सभी ब्लॉगिंग करियर मे आगे जाके successful बन सके. 

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